देवघर : संताल परगना में पेयजल की समस्या को देखते हुए गंगा ग्रिड से पेयजलापूर्ति के लिए गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने लोकसभा नियम 377 के तहत प्रश्न किया. सांसद डॉ दुबे ने कहा : संताल परगना आदिवासी, पिछड़ा व नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. इन गरीबों को शुद्ध पीने का पानी पहुंचाना आवश्यक है. इस इलाके में जो भी पेयजल की सुविधा है, वह पर्याप्त नहीं है.
आधारभूत संरचना ठीक नहीं है. संताल परगना के छह जिले देवघर, दुमका, साहिबगंज, जामताड़ा, पाकुड़ व गोड्डा में एक करोड़ की आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित है. देवघर में 15 लाख की आबादी है, द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में प्रत्येक वर्ष 50 लाख श्रद्धालु देवघर आते हैं, केवल देवघर में 65 लाख की आबादी पेयजल की समस्या से जूझते हैं. डाॅ दुबे ने कहा : संताल परगना समेत गिरिडीह व बोकारो को साहिबगंज से गंगा ग्रिड प्रोजेक्ट के जरिये पेयजलापूर्ति करने के लिए 14,000 करोड़ का डीपीआर बनकर तैयार है.
राज्य सरकार को डीपीआर भेजना है. जल्द गंगा ग्रिड प्रोजेक्ट पर काम करने की जरूरत है, राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता दिखाये. मालूम हो कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने गोड्डा में कहा था कि गंगा ग्रिड के लिए केंद्र सरकार पैसे देने को तैयार है, जबकि पिछले दिनों सीएम रघुवर दास ने भी देवघर के नैयाडीह में गंगा ग्रीड को ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था, लेकिन राज्य बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए राशि का प्रावधान नहीं किया है.
