देवघर : मधुपुर के राधा ग्लास फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों का एसोसिएशन राधा ग्लास को-ऑपरेटिव सोसाइटी का पिछले पांच वर्षों से विभागीय ऑडिट नहीं हुआ है. इस सोसाइटी ने मधुपुर को-ऑपरेटिव बैंक से वित्तीय वर्ष 2012-13 में 50 लाख रुपये तक का ऋण लिया था, इसमें 38 लाख रुपये बैंक को चुका दिया गया. शेष 12 लाख रुपये बकाया है.
राधा ग्लास को-ऑपरेटिव सोसाइटी का निबंधन सहकारिता विभाग में है. को-ऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट के तहत हर वर्ष ऑडिट कराना अनिवार्य है. इस को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा ऑडिट नहीं कराये जाने पर ऑडिटर संजय कुमार सिन्हा ने विभाग के सहायक निबंधक को रिपोर्ट भेजी है. ऑडिटर के अनुसार, कई बार सोसाइटी के पते पर ऑडिट करने के लिए टीम पहुंची, लेकिन कार्यालय बंद पाया गया, जबकि यह सोसाइटी को-ऑपरेटिव बैंक का ऋणी है.
नियमित ऑडिट नहीं कराने वाले सोसाइटी की मान्यता रद्द हो सकती है, साथ ही ऋण की राशि वसूली की प्रक्रिया तेज करने की जरूरत है. ऑडिटर की रिपोर्ट पर विभाग से सोसाइटी को नोटिस भेजी जा रही है. इधर को-ऑपरेटिव बैंक, मधुपुर के शाखा प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि सोसाइटी को ऋण वसूली के लिए पहले नोटिस भेजी गयी थी, अब रिकवरी प्रत्येक माह हो रही है. अभी शेष 12 लाख रुपये बकाया है.
