निषिद्ध मालवीय, देवघर : दिलीप कुमार ने अपनी जमीन सिर्फ इसलिए स्कूल को दान दे दी, कि बच्चों को पढ़ने के लिए पैदल हर रोज पांच किमी दूर नहीं जाना पड़े. उन्होंने न सिर्फ शिक्षा के महत्व को समझा, बल्कि गांव के बच्चों को शिक्षित करने के लिए आगे भी आये. उन्होंने शिक्षा के लिए जमीन दान देकर यह साबित कर दिया कि वे गणतंत्र के असली सिपाही हैं.
देवघर : पांच किमी दूर बच्चों को पैदल जाता देख स्कूल के लिए दान कर दी जमीन
निषिद्ध मालवीय, देवघर : दिलीप कुमार ने अपनी जमीन सिर्फ इसलिए स्कूल को दान दे दी, कि बच्चों को पढ़ने के लिए पैदल हर रोज पांच किमी दूर नहीं जाना पड़े. उन्होंने न सिर्फ शिक्षा के महत्व को समझा, बल्कि गांव के बच्चों को शिक्षित करने के लिए आगे भी आये. उन्होंने शिक्षा के लिए […]

देवघर प्रखंड के केनमनकाठी गांव निवासी दिलीप कुमार जसीडीह में दुकान चलते हैं. उन्होंने बताया कि केनमनकाठी गांव सहित आसपास के बच्चों को पांच किलोमीटर दूर दूसरे गांव में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था. इससे बच्चों को काफी परेशानी होती थी. बच्चों को पैदल इतनी दूरी तय करती होती थी. इस कारण कई बच्चे स्कूल नहीं जाते थे. बच्चों की इस परेशानी को देख कर उन्होंने अपनी दो एकड़ पैतृक जमीन दान में दे दी.
जमीन के अभाव में नहीं हो रहा स्कूल का निर्माण : दिलीप कुमार ने बताया कि गांव में जमीन के अभाव में मध्य विद्यालय भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा था. इसके बाद उन्होंने अपनी कीमती दो कट्ठा जमीन नि:स्वार्थ भाव से शिक्षा विभाग के नाम से दान देकर विद्यालय भवन का निर्माण कराया. उन्होंने यह भी बताया जमीन देने के समय गांव के कुछ लोग जमीन दान करने से मना करने लगे, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और जमीन दे दी. उनके इस पहल पर गांव के कई लोगों ने प्रशंसा की. कहा कि वे हमेशा समाज की सेवा में खड़ा रहे हैं.
आज 298 बच्चे पढ़ रहे इस स्कूल में
उत्क्रमित मध्य वद्यिालय केनमनकाठी का भवन बन जाने के बाद केनमनकाठी सहित आसपास गांव के करीब 298 बच्चे गांव में ही पहली से आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. दिलीप ने कहा कि उनके गांव के बच्चे पढ़-लिखकर अच्छा नागरिक बनें और देश की सेवा करें यही मेरी कामना है. साथ ही कहा कि समाज के विकास के लिए अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी जमीन दान देंगे.