देवघर : अक्षरों के कुंभ में सजी गजल की महफिल

देवघर : देवघर में 12 दिवसीय पुस्तक मेला का आगाज हो गया है. पुस्तक प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्रों पर पुस्तक को देखने एवं खरीदने के लिए पुस्तक प्रेमियों की भीड़ लगी रही. डीसी सहित मंचासीन अतिथियों ने बारी-बारी से पुस्तक मेला में लगाये गये स्टाॅल को निरीक्षण कर काउंटर पर उपलब्ध पुस्तकों की तारीफें की. […]

देवघर : देवघर में 12 दिवसीय पुस्तक मेला का आगाज हो गया है. पुस्तक प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्रों पर पुस्तक को देखने एवं खरीदने के लिए पुस्तक प्रेमियों की भीड़ लगी रही. डीसी सहित मंचासीन अतिथियों ने बारी-बारी से पुस्तक मेला में लगाये गये स्टाॅल को निरीक्षण कर काउंटर पर उपलब्ध पुस्तकों की तारीफें की.
अर्चिता ऑर्ट्स स्टॉल पर लोगों ने चित्रकारी को खूब सराहा. कार्यक्रम के उदघाटन के बाद पुस्तक मेले में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की मशहूर संगीतकार सीमा सहगल ने गजलें छेड़ी तो महफिल खुशनुमा हो गया. जिसे मैं चाहूं, उसे कहां पाऊं…, जनम-जनम खोज लगाऊं…, हम भी गुलाम थे, तुम भी गुलाम थे… आदि कई गजलों पर उपस्थित लोगों ने खूब वाह-वाही की. सीमा सहगल के साथ संगत देने झलक महाराज, तबला पर सेंटू एवं आर्गन पर अभिषेक सूर्य शामिल थे.

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