देवघर : शहर में अवैध मटका-लॉटरी का खेल जोर-शोर से चल रहा है. हाल ही में नगर पुलिस ने छापेमारी कर मटका-लॉटरी खेलवाने व खेलने वालों को गिरफ्तार किया था. उन आरोपितों पर एफआइआर कर पुलिस ने जेल भी भेजा था. मटका-लॉटरी से रोजाना शहर में लगभग 30000 रुपये की अवैध वसूली होती है. यह अवैध वसूली अलग-अलग तीन ग्रुप के दबंगों द्वारा की जाती है.
यह खुलासा गिरफ्तार रिखिया थाना क्षेत्र के बलसरा निवासी प्रीतम जायसवाल ने नगर पुलिस को दिये स्वीकारोक्ति बयान में किया है. पुलिस के अनुसार वर्ष 2007 में बड़े भाई उत्तम जायसवाल की हत्या के बाद बदला लेने की सोची थी.
इसी बीच उसकी मुलाकात छोटू शृंगारी व सौरभ शृंगारी से हुई. कई अापराधिक घटनाओं में इन दोनों का नाम आया था. भाई की हत्या का बदला लेने में इन दोनों ने साथ देने का आश्वासन दिया था. एक बार सौरभ के साथ वह हथियार के साथ पकड़ा गया था और जेल भी गया था.
जेल से छूटने के बाद छोटू के ग्रुप के लिये मटका-लॉटरी संचालन का अवैध कलेक्शन करने लगा. सावन में लगने वाले फुटपाथ दुकानों से भी अवैध वसूली का काम किया था. नवंबर 2018 में सौरभ व केडी यादव के साथ वह बाजार जा रहा था, तभी चेकिंग में दोनों पिस्तौल-गोली के साथ पकड़ा गया.
मौके पर वह बचकर भाग निकला था. पहले से मटका-लॉटरी संचालन सूरज मिश्रा कराता था. 2016 में सूरज की हत्या के बाद से उसकी बहन खुशबू उर्फ शालू छोटू के जरिये मटका लॉटरी का पैसा कलेक्शन कराने लगा.
कलेक्शन का पैसा छोटू के बहनोई नीरज के साथ मिलकर प्रीतम ही लाता है. कलेक्शन का पैसा खुशबू के पास जमा किया जाता है. इसके लिए दोनों को प्रतिदिन दो-दो सौ रुपया दिया जाता है. मटका के धंधे में बाबा परिहस्त ग्रुप डिस्टर्ब करता था. वह चाहता था कि कलेक्शन में उसी का वर्चस्व हो. इसी वर्चस्व के चलते खूनी संघर्ष भी होता रहा है.
उसी क्रम में जनवरी में ही छोटू के भाई शिबू की हत्या बाबा के लोगों द्वारा की गयी है. पुलिस बयान में प्रीतम ने यह भी स्वीकारी है कि छोटू के इशारे पर ही उनलोगों ने पटेल चौक, जलसार रोड व रेलवे क्रॉसिंग के समीप फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी. ताकि मटका कलेक्शन में वर्चस्व बरकरार रह सके.
