पशुपालन विभाग के जर्जर भवन में चल रहा करौं थाना

करौं : करीब एक लाख की आबादी की सुरक्षा करने वाले पुलिस कर्मियों को सुविधा मयस्सर नहीं है. एक ओर जहां पुलिस को हाइटेक बनाने की बात कही जाती है. वहीं, यहां के पुलिस कर्मी को सुविधा के नाम पर कुछ भी नसीब नहीं होता है. करौं थाना का अपना भवन नहीं है. पशुपालन विभाग […]

करौं : करीब एक लाख की आबादी की सुरक्षा करने वाले पुलिस कर्मियों को सुविधा मयस्सर नहीं है. एक ओर जहां पुलिस को हाइटेक बनाने की बात कही जाती है. वहीं, यहां के पुलिस कर्मी को सुविधा के नाम पर कुछ भी नसीब नहीं होता है. करौं थाना का अपना भवन नहीं है.
पशुपालन विभाग के भवन में थाना संचालित है. थाना में थाना प्रभारी के अलावा पांच एएसआइ, एक हवलदार, चार पुलिस बल व एक मुंशी समेत, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक चालक व 24 चौकीदार हैं.
थाना को दो वाहन उपलब्ध कराया गया है. दोनों ही वाहन की स्थिति सही नहीं है. वाहन खराब हो जाने पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार पुलिस अधीक्षक समेत वरीय अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान थाना भवन निर्माण की बात कही. लेकिन अब तक थाना भवन का निर्माण नहीं हो पाया है.
थाना में आरक्षी बैरक में गर्मी के दिनों में काफी परेशानी होती है. थाना में लगा सोलर सिस्टम भी खराब होकर शोभा की वस्तु बनी हुई है. करौं थाना जामताड़ा जिला से सटा हुआ है. इसलिए यह थाना क्षेत्र साइबर अपराधियों का सेफ जोन भी बना हुआ है. बावजूद करौं पुलिस को सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया है.

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