भाई ही नहीं बचा, तो सिक्यूरिटी लेकर क्या करेंगे..
देवघर : दवा व्यवसायी विनोद हत्याकांड का मुख्य आरोपित एक सप्ताह बाद भी नहीं पकड़ा गया. परिजन जहां भयभीत हैं, वहीं उनकी पीड़ा कम नहीं हो रही है. बहन सुनीता कहती है कि चारों भाई-बहन में लाडला था विनोद. किसी के दुख में बढ़-चढ़ कर साथ देता था. सिर्फ प्रशासन की लापरवाही के कारण वह हम लोगों के बीच नहीं है.
आज पुलिस सिक्यूरिटी दे रही है, लेकिन अब यह सिक्यूरिटी किस काम की है. जब मेरा भाई ही नहीं बचा. बिलखते हुए बहन सुनीता कहती है कि साधारण लोगों को जीने का कोई हक नहीं है. जब धमकी दी जा रही थी, तो दोनो भाई पुलिस में कंप्लेन कराने गये थे. क्या हुआ, कुछ नहीं. अरे यहां तो पुलिस कंप्लेन लिखाने के लिए भी नाक रगड़ने पड़ते हैं. हाथ-पैर जोड़ना पड़ता है. विनोद ने किस-किस की मदद नहीं की, तो आज ये देवघर क्यों चुप है? पुलिस प्रशासन का एक्शन तो बस दिखावा है.
आज आठ दिन हो गये शनिवार को ही भाई को अपराधियों ने मारा डाला था, लेकिन अब तक अपराधी पुलिस पकड़ से बाहर है. सिर्फ आइ-वाश एक्शन हो रहा है. बहन ने देवघरवासियों से अपील की है कि विनोद के हत्यारे के लिए फांसी की मांग करें, ताकि भविष्य में किसी भी औरत को 27 साल की विधवा भाभी को नहीं देखना पड़े, 4 साल और सात साल के भतीजा-भतीजी को बिलखता न देखना पड़े. बहन ने कहा है कि आखिर क्या जवाब दे एक बहन अपने नन्हे-नन्हे भतीजा-भतीजी को, कहां से लाकर दे उसके पापा को.
(विनोद वाजपेयी की बहन ने व्हाट्सएप मैसेज भेज बतायी अपनी पीड़ा)
