देवघर : दवा व्यवसायी विनोद वाजपेयी की हत्या के बाद से ही परिजन दहशत में हैं. बड़े भाई सुमन वाजपेयी व संजय वाजपेयी की आंखों के आंसू नहीं रुक पा रहे थे. बावजूद वे लोग परिवार-बच्चों के लिए खुद हिम्मत रखने की कोशिश कर रहे थे, किंतु नहीं संभल पा रहे थे.
बीच-बीच में सुमन यह कहकर फफकते थे कि अपने अजीज प्यारे को नहीं बचा सका. सब कुछ पल भर में खत्म हो गया और पुलिस देखती रह गयी. उन्होंने बताया कि अब भी अप्रत्यक्ष तौर पर धमकी मिल रही है.
विनोद को गोली मारकर हत्या करने वाले जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी तिवारीडीह निवासी केशव दुबे शहर व आसपास में ही घूम रहा है. जोगडीहा के समीप उनके एक रिश्तेदार को केशव से सुबह-सुबह मुलाकात हो गयी. उस वक्त केशव सड़क किनारे बोतल में रखा पेट्रोल खरीदकर बाइक में डाल रहा था. फिर उसने धमकी देते हुए उनके रिश्तेदार से कहा कि अभी क्या हुआ है, फिर एक को मौत के घाट उतारेंगे तभी चैन लेंगे.
यह जानकारी होते ही फिर से एक बार पूरे परिवार में भय व्याप्त हो गया है. पोस्टमार्टम के बाद से विनोद का शव रातभर सदर अस्पताल में रखा रहा. वहीं दोनों भाई, रिश्तेदार, संबंधी, शुभचिंतक व परिचित रातभर अस्पताल में जमे रहे. पुलिस अधिकारी सहित सुरक्षाकर्मी भी वहां मौजूद रहे. सुबह छह बजे विनोद का शव विलियम्स टाउन बीएड कॉलेज के समीप आवास पर लाया गया, तभी से परिजनों की चीत्कार से माहौल वहां पूरी तरह गमगीन हो गया.
रह-रह कर विनोद की मां व पत्नी बेहोश हो रही थी. विनोद के पुत्र को कुछ-कुछ पिता के बारे में जानकारी हो गयी थी, किंतु उसकी छोटी पुत्री को समझ नहीं आ रहा था. परिजनों व अन्य को रोता देख उसके भी आंखें भर जा रही थी. बहन के इंतजार में विनोद का शव दोपहर तक घर पर ही रखा रहा.
दिल्ली से वह हवाई मार्ग द्वारा कोलकाता पहुंची और वहां से सीधे सड़क मार्ग से देवघर आयी. इसके बाद अंत्येष्टि के लिए सुरक्षा व्यवस्था के बीच विनोद की शवयात्रा श्मशान तक के लिए निकली. घटना के बाद ही सही उसके घर पर भी पदाधिकारी सहित पुलिसकर्मी डटे रहे. सुरक्षा देख लोग यह कह रहे थे कि पहले अगर पुलिस अलर्ट होती तो शायद इतने अच्छे युवक की जान नहीं जाती. लोगों के अनुसार विनोद मिलनसार व दयालु था.
सहमे हैं दवा व्यवसायी
शहर में सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है. दवा व्यवसायी यदि सुरक्षित नहीं रहते हैं, तो लोगों को सेवा देना काफी मुश्किल हो जायेगा. शहर में दवा व्यवसायियों को काफी परेशानी हो रही है, इसलिए रात में कोई दवा दुकानदार दुकानों को खुला रखना नहीं चाहते हैं. जबकि रात्रि में शहर के लोगों को काफी परेशानी होती है.
दिवाकर कमल, सचिव, दवा दुकानदार संघ
शहर में दवा व्यवसायी के साथ इस प्रकार की घटना काफी निंदनीय है. शहर में अपराधियों को पुलिस को खौफ नहीं रह गया है. इस घटना के बाद सभी दवा व्यवसायी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
दिलीप रंजन, दवा दुकानदार
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा
देवघर तीर्थनगरी है. देश के हरेक कोने से लोगों का आगमन होता है. अपराध कंट्रोल के मामले में प्रशासन पूरी तरह से मौन है. पुलिस के इस रवैये की हम निंदा करते हैं. अपराधियों में पुलिस का जो खौफ होना चाहिए वह नहीं है.
मधूसूदन, विभाग संचालक संघ
जनप्रतिनिधियों ने कोसा
अखबार के माध्यम से पता चला है कि मृतक विनोद वाजपेयी ने पहले आवेदन देकर जान से मारने की सूचना पुलिस को दी थी. पुलिस गंभीरता से लेती, तो विनोद वाजपेयी की जान बच जाती.
शैलजा देवी, वार्ड पार्षद, वार्ड नं 18
शहर में जिस तरह से अपराध बढ़ रहा है. यह चिंता की बात है. जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया, तो शांत माना जाने वाला शहर अशांत हो जायेगा. घटना से सरकार की भी बदनामी हो रही है.
-आशीष झा उर्फ कन्हैया, वार्ड पार्षद 22
घटना की निंदा करते हैं. यह दु:खद घटना है. प्रशासन को अपराध पर अंकुश लगाना चाहिए. उम्मीद करते हैं कि पुलिस कप्तान नरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जल्द ही कानून का राज स्थापित हो जायेगा.
प्रो डा सुरेश भारद्वाज, अध्यक्ष, पंडा धर्मरक्षिणी सभा
शहर में अपराधियों का मनोबल बढ़ा
शहर में कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस कमजोर पड़ गयी है, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. शासन का रुतबा ही हल्का पड़ गया है, यह रुतबा वापस लाने की जरूरत है. पुलिस-पब्लिक के दूरियां बढ़ गयी है. एसपी से लोगों का मिलना तक मुश्किल है, जिससे लोग अपनी समस्या बता सके. पुलिस-पब्लिक में तालमेल बढ़ाना होगा.
– रामनाथ शर्मा, अध्यक्ष, संताल परगना स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
दवा व्यवसायी की विनोद वाजपेयी की सरेशाम हुई हत्या कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है. घटना काफी दुखद है. पुलिस व राज्य सरकार को इससे सचेत होने की जरूरत है. पुलिस को भयमुक्त माहौल तैयार करना होगा, व्यापारियों का विश्वास जीतना होगा.\
– प्रदीप बाजला, संरक्षक, देवघर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
देवघर धार्मिक नगरी है, यहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. शहर की स्थिति इतनी भयानक हो गयी है कि आने वाले श्रद्धालु क्या संदेश लेकर जायेंगे. ये चिंतनीय विषय है. चेंबर की मांग है कि एसपी दिन में दो दफा शहर का भ्रमण करें, ताकि सच्चाई से रूबरू हो सके. आपराधिक घटनाअों पर अंकुश लगेगी, तो अपराधियों का मनोबल टूटेगा व लोग स्वछंद जीवन जी सकेंगे.
गोपाल कृष्ण शर्मा, अध्यक्ष, संप चेंबर अॉफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर
यह बहुत ही दुखद घटना है. इस हत्याकांड से व्यापारी वर्ग काफी आहत है. सरकार को इस विषय पर ठोस निर्णय लेना चाहिए. देवघर पुलिस को जल्द अपराधियों काे गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलानी चाहिए, ताकि भविष्य में अपराधियों का मनोबल नहीं बढ़े.
– विजय कौशिक, सचिव, देवघर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
हाथ पर हाथ धरे बैठी है पुलिस : संघ
देवघर. जिला खुदरा दुकानदार संघ ने दवा व्यवसायी विनोद वाजपेयी की हत्या को पुलिस की नाकामी करार दिया है. संघ के मीडिया प्रभारी राजेश केशरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि देवघर में सरेशाम हत्या हो रही है. दुकानों को लूट लिया जा रहा है. असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. देवघर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. अपराधी निडर होकर खुलेआम अापराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ऐसी पुलिस व्यवस्था से निजात दिलायें.
पुलिस की कार्यशैली के विरोध में कैंडिल मार्च आज
देवघर. दवा व्यवसायी विनोद वाजपेयी की हत्या ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है. पुलिस की भूमिका से व्यापारियों में आक्रोश है. इस प्रकरण में जनप्रतिनिधियों ने भी चुप्पी साध रखी है. पुलिस की कार्यशैली के विरोध में सोमवार को शाम पांच बजे लक्ष्मी मार्केट से कैंडिल मार्च निकाला जायेगा. इसमें चेंबर, खुदरा व्यापारी संघ, स्वर्ण व्यवसायी संघ, ड्रग एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, फुटपाथ दुकानदार समेत सभी व्यावसायिक संगठन के लोग रहेंगे.
सुमन ने मांगा था पिस्तौल का लाइसेंस, नहीं मिला
देवघर. विनोद के भाई सुमन वाजपेयी ने पिस्तौल का लाइसेंस मांगा था. इसके लिए कई साल पूर्व ही उसने आवेदन किया था. पिस्तौल लाइसेंस उसने जान-माल की रक्षा व संपत्ति सुरक्षा के लिए मांगा था, लेकिन पिस्तौल का लाइसेंस उसे नहीं मिल सका था.
एसआइटी गठित, 24 घंटे में केशव की गिरफ्तारी का आदेश
विनोद वाजपेयी हत्याकांड के खुलासे के लिए एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया है. उक्त टीम में देवघर एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव सहित साइबर डीएसपी नेहा बाला, नगर थाना प्रभारी विनोद कुमार, जसीडीह थाना प्रभारी दयानंद आजाद, मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार, नगर थाने के एएससआइ रामानुज सिंह, सैट प्रभारी एएसआइ फैयाज खान, तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी विश्वजीत कुमार व कृष्णा पूर्ति को शामिल किया गया है. एसआइटी में शामिल पदाधिकारियों, पुलिसकर्मियों को एसपी ने कांड में शामिल अपराधियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का आदेश दिया है.
सुरक्षा में बुलाये गये थे सभी थाना प्रभारी
बंदी को लेकर पुलिस पूर्व से ही अलर्ट थी. इस दौरान देवीपुर थाना प्रभारी पिंकू यादव, सोनारायठाढी थाना प्रभारी मरियानुस खलको, पालोजाेरी थाना प्रभारी डॉ संतोष पांडेय, रिखिया थाना प्रभारी जेपी तिर्की, सारठ थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह, सारवां थाना प्रभारी संतोष झा, प्रशिक्षु एसआइ यशवंत कुमार सिंह, राजीव कुमार व अन्य एएसआइ पुलिसकर्मी मौजूद थे.
केशव व अन्य पर विनोद की हत्या की एफआइआर दर्ज
देवघर. विनोद वाजपेयी की हत्या की एफआइआर उसके बड़े भाई सुमन वाजपेयी के बयान पर नगर थाने में दर्ज की गयी है. मामले में जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी तिवारीडीह निवासी केशव दुबे व उसके 24 वर्षीय अज्ञात साथी को आरोपित बनाया गया है. जिक्र है कि आठ दिसंबर को प्राइवेट बस स्टैंड के समीप अपनी दुकान संजय मेडिकल में भाई विनोद व एक स्टाफ के साथ बैठकर दुकानदारी कर रहा था.
लगभग 6:55 बजे बिना नंबर की ब्लू-सफेद पल्सर से केशव व उसका अज्ञात साथी पहुंचा. गाली-गलौज कर धमकी देते हुए पूर्व की घटना में दर्ज एफआइआर उठाने का दबाव देने लगा. केशव ने कमर से पिस्तौल निकाल ली, तो भयवश सुमन दुकान में रखे फ्रीज के पीछे खड़ा हो गया. इतने में केशव ने छोटे भाई विनोद के चेहरे पर पिस्तौल सटाकर गोली मार दी.
घायल होकर विनोद दुकान में गिर पड़ा तो केशव अपने साथी के साथ बाइक स्टार्ट कर भाग गया. अपने घायल भाई विनोद को लेकर सुमन सदर अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. केशव के साथ आये उसके साथी की उम्र करीब 25 वर्ष, रंग गेहुवां व बाल खड़ा था. मामला दर्ज कर नगर पुलिस पड़ताल में जुटी है.
चेंबर ने की एसपी के तबादले की मांग
संताल परगना चेंबर ऑफ कॉमर्स ने देवघर एसपी के तबादले की मांग की है. चेंबर के महासचिव आलोक मल्लिक ने बताया कि रांची फेडरेशन के माध्यम से डीजीपी को देवघर पुलिस की विफलता के बारे में बताया गया है. देवघर में तीन माह के दौरान गिरती कानून-व्यवस्था से व्यापारी क्षुब्ध है. चेंबेर व फेडरेशन राज्य सरकार व डीजीपी से देवघर एसपी के तबादले की मांग करती है.
छह टीम कर रही है छापेमारी, पांच हिरासत में
एसपी के आदेश के बाद एसआइटी ने अलग-अलग छह टीम बनाकर छापेमारी में जुटी है. छापेमारी टीम ने चोलपहाड़ी सहित अन्य जंगली क्षेत्र में भी खोजबीन की, लेकिन केशव का सुराग नहीं मिला. केशव ने जिन-जिन लोगों से बातचीत की है, वैसे पांच संदिग्धों को थाना लाकर छापेमारी टीम पूछताछ करने में जुटी है. केशव के फेसबुक एकाउंट व मोबाइल लोकेशन भी खंगाला जा रहा है. फिर भी उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है.
बिट्टू दुबे को पुलिस ने पूछताछ के लिए लिया दो दिनों की रिमांड पर
छह दिसंबर को विनोद की दुकान व आवास पर जाकर रोड़ेबाजी करने, रंगदारी मांगते हुए छिनतई करने व धमकी देने के मामले में जेल भेजे गये बिट्टू दुबे को नगर पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड पर लिया है. पुलिस उससे रिमांड अवधि में पूछताछ कर रही है. किस जमीन से संबंधित विवाद विनोद के परिवार से बिट्टू के परिजनों का चल रहा था और क्या ऐसी स्थिति बनी कि वे लोग उसकी जान लेने पर उतारु हो गये.
