देवघर : मोहनपुर अंचल स्थित कर्णकोल मौजा में डेढ़ एकड़ नावल्द जमीन को शहर के भू-माफियाओं ने कब्जा कर अवैध ढंग से बेच दिया. यह जमीन देवघर-सारवां रोड के ठीक किनारे अवस्थित है. भू-माफियाओं ने अपनी दबंगई से जमीन की घेराबंदी भी कर ली है. भू-माफियाओं के दबदबा से पूरे गांव में दहशत का माहौल है.
भय से इस नावल्द जमीन पर अवैध कब्जे की आपत्ति करने के लिए काेई सामने नहीं आ रहा है. कर्णकोल मौजा के ग्राम प्रधान भी चुप्पी साधे हुए हैं. हल्का कर्मचारी ने भी अवैध हस्तांतरण की रिपोर्ट नहीं भेजी है. गांव के कुछ व्यक्तियों ने मौखिक रूप से आपत्ति की, तो उन्हें कई तरह की धमकियां दी गयी.
इस नावल्द जमीन के अवैध कब्जा के दौरान देवघर-सारवां एनएच की जमीन का भी अतिक्रमण किया जा रहा है. पूर्व में भी नावल्द जमीन के भू-खंड पर अवैध कब्जा कर घेराबंदी कर ली गयी थी. एसपीटी एक्ट के अनुसार, नावल्द जमीन एक तरह से सरकारी जमीन होती है, इसमें कोई दावा नहीं कर सकता है.
कर्णकोल में गोचर जमीन पर बसे हैं दलित : कर्णकोल गांव में 200 से अधिक दलितों का परिवार रहता है. इसमें अधिकांश दलितों के पास जमीन नहीं है. कई दलितों का परिवार भूमिहीन है. जमीन के अभाव में वर्षों पहले प्रशासन द्वारा स्वीकृत इंदिरा आवास गोचार जमीन पर बनाकर दलितों को बसाया गया है. एसपीटी एक्ट में नावल्द जमीन पर प्रक्रिया के बाद भूमिहिनों के नाम से पट्टा देकर उन्हें आवंटित करने का प्रावधान भी है.
नावल्द जमीन एक तरह से फौती जमीन है, इसमें सरकार का अधिकार होता है. कर्णकोल मौजा में नावल्द जमीन सरकारी संपत्ति है. अभी हल्का कर्मचारी हड़ताल पर है. बावजूद इस मौजा के ग्राम प्रधान से रिपोर्ट मांगी जायेगी. अवैध कब्जा पर रोक लगायी जायेगी.
– प्रीतिलता किस्कू, सीओ, मोहनपुर
