देवघर : जसीडीह के बदिया गांव में दशहरा के समय दो पक्षों में मारपीट हुई थी. एक पक्ष द्वारा मारपीट व जानलेवा हमला की एफआइआर करायी गयी. वहीं दूसरे पक्ष द्वारा एससी-एसटी एक्ट समेत जानलेवा हमला की एफआइआर करायी गयी. अब भी दोनों पक्षों के बीच आक्रोश है. एक पक्ष के गोड़ो दास, बैजनाथ दास, कुंती देवी, देवकी देवी समेत करीब पांच दर्जन से अधिक लोग न्याय मांगने एसपी के पास पहुंचे.
इस दौरान वे लोग एसडीपीओ से जाकर मिले. जातिसूचक शब्द कहकर उत्पीड़न करने, पत्थरबाजी करने व मुकदमा उठाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. जसीडीह थाने के दारोगा संजय सिंह पर एकतरफा मदद करने का आरोप लगाया. कार्रवाई नहीं होने पर बाल-बच्चे व परिवार समेत एसपी ऑफिस के पास आकर आत्मदाह का अल्टीमेटम दिया है.
उधर, दूसरे पक्ष के रजनीश पाठक व अन्य का कहना है कि बात-बात पर एससी एक्ट में उनलोगों को फंसाने की धमकी दी जाती है. बैंक से रिटायर बुजुर्ग समेत तीन व अन्य के खिलाफ फिर एससी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा किया गया. वे लोग काफी डरे हुए हैं. जीना मुश्किल हो रहा है. शांति की अपील करते हैं, लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते. ऐसे उत्पीड़न होता रहा तो गांव छोड़कर भागने को बाध्य होंगे.
मीडिया के माध्यम से रजनीश ने पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से न्याय दिलाने की गुहार लगायी है. मामले को लेकर एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों पक्षों में अब भी आक्रोश है. गांव में पुलिस कैंप कर रही है. एक-दो दिनों में दोनों पक्षों के आरोपितों की गिरफ्तारी शुरू करायी जायेगी. इसकी तैयारी चल रही है.
गांव में विधि-व्यवस्था नियंत्रण के लिए पुलिस कर रही है कैंप
एक पक्ष के लोग कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे एसपी के पास
दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है टाॅर्चर होते रहे तो छोड़ देंगे गांव
