बैंक से निकासी कर समाहरणालय परिसर में खड़ी की बाइक
देवघर : शनिवार को समाहरणालय परिसर में विकास भवन के सामने से एक ठेकेदार की बाइक की डिक्की तोड़ कर बदमाशों ने दो लाख रुपये निकाल लिये. देवीपुर थाना क्षेत्र के बेलटिकरी निवासी ठेकेदार सिद्धार्थ शंकर राय ने दोपहर 12:30 बजे एसबीआइ मुख्य शाखा साधना भवन में दो लाख रुपये की निकासी की. बैग में रकम डालकर बाइक की डिक्की में रखा. इसके बाद वे काम से जिला एनआरइपी कार्यालय के लिये चले. विकास भवन के सामने समाहरणालय परिसर में बाइक खड़ी कर वे अंदर गये.
10 मिनट में काम कर बाइक के पास पहुंचे तो डिक्की टूटा मिला व रुपयों से भरा बैग गायब था. उक्त बैग में उनका पैन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य कागजात भी थे. घटना की सूचना उन्होंने डायल-100 पर दी. सूचना मिलते ही एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव, नगर थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बलों के साथ पहुंचे. घटना की जानकारी लेने के बाद विकास भवन में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला. समाचार लिखे जाने तक पुलिस को मामले में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है.
इधर, ठेकेदार ने थाना में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. आशंका जताते हुए उन्होंने यह भी कहा है कि संभवत: बैंक से ही बदमाश उनके पीछे लगे होंगे. परिसर में गाड़ी खड़ी कर वे अंदर गये, इसी बीच मौका पाकर रुपयों से भरे बैग निकालकर फरार हो गये.
सीसीआर डीएसपी से लेकर डीसी कार्यालय, फिर भी हो गयी घटना
समाहरणालय परिसर जहां डीसी, डीडीसी, एसी, सीसीआर डीएसपी सहित अन्य कई पदाधिकारियों का कार्यालय है. उसी परिसर में रजिस्ट्री ऑफिस भी है.
डीसी कार्यालय से लेकर विकास भवन व रजिस्ट्री ऑफिस में हमेशा लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं. बावजूद, इसकी परवाह किये बदमाश आसानी से घटना को अंजाम देकर फरार हो गये. जब समाहरणालय परिसर सुरक्षित नहीं है तो लोग कहां सुरक्षित रहेंगे. इन दिनों शहर में लूट, छिनतई, चोरी, फायरिंग जैसे अपराध बढ़े हैं. पुलिस इन अपराधों पर अंकुश लगा पाने में सफल नहीं हो पा रही है.
सीसीटीवी फुटेज में भी चेहरा स्पष्ट नहीं
ठेकेदार सिद्धार्थ शंकर राय की बाइक के डिक्की से समाहरणालय परिसर में विकास भवन के सामने हुई दो लाख रुपये चोरी मामले में पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला. किंतु फुटेज में बदमाशों का स्पष्ट चेहरा नहीं दिख सका. इससे उन बदमाशों की पहचान नहीं हो सकी. सीसीटीवी में दिख रहा था कि एक बदमाश बाइक से सटकर खड़ा है.
उसका एक्शन समझ में आ रहा था. दूसरा बदमाश बाइक पर हेलमेट लगाये आता है और साथी को बैठाकर निकलते दिख रहा है. विकास भवन में इतने कम रेजुलेशन का कैमरा लगा होना समझ से परे है. अगर उच्च क्षमता वाला सीसीटीवी कैमरा विकास भवन में लगा होता तो बदमाशों की पहचान हो सकती थी. हालांकि विकास भवन से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर नगर पुलिस थाना भी लायी है.
