थाना प्रभारी के साथ स्कॉरपियो में कितने लोग
देवघर : जूली तिवारी को धक्का मारने वाले स्कॉरपियो (जेएच 02 एजे 8704) में कितने लोग बैठे थे. गाड़ी कौन चला रहा था, पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है.
इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिये नगर थाना प्रभारी ने विलियम्स टाउन निवासी सोनू झा के मोबाइल पर संपर्क किया. हालांकि साेनू ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया. थाना प्रभारी से उसने कहा कि अभी वह बाहर अस्पताल में इलाज करा रहा है.
अभी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है. उधर, घटनास्थल के आसपास भी पुलिस गोपनीय तरीके से पूरे मामले का पता लगाने में जुटी है. पुलिस के लिये यह पता लगाना बहुत आवश्यक है कि गाड़ी कौन चला रहा था. आसपास के लोगों के मुताबिक स्कॉरपियो पर थाना प्रभारी व सोनू सहित कुल चार से पांच लोग बैठे थे. परिवहन कार्यालय से पुलिस ने स्कॉरपियो का डिटेल्स निकाला तो जानकारी हुई कि घटना के एक दिन पूर्व ही गाड़ी का इंश्योरेंस लैप्स हो गया था.
गाड़ी हजारीबाग जिले के केरेडारी खलारी निवासी बालकिशुन विश्वकर्मा के नाम से है. 19 अक्तूबर को रात करीब 9:30 बजे तेज गति से जा रही उक्त स्कॉरपियो ने नीलकंठ विहार निवासी जूली की स्कूटी में धक्का मार दिया था. घटना में जूली की मौत हो गयी थी और उसके पुत्र ऋषभ व पुत्री प्राची गंभीर रूप से घायल हो गये थे. देवघर से रेफर होने के बाद ऋषभ व प्राची का कोलकाता में इलाज चल रहा है.
घटना को लेकर जूली के मामा ससुर जसीडीह थाना क्षेत्र के कोठिया निवासी अशोक तिवारी के बयान पर नगर थाने में दुर्घटना का एफआइआर दर्ज किया गया है.
तीन दिन बाद रिखिया के तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव रंजन की शिकायत पर सर्विस रिवॉल्वर व गोली गायब होने का भी मामला दर्ज किया गया है. मामले में दोषी पाकर रिखिया के तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव रंजन को एसपी ने निलंबित कर दिया है.
