सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों में हो रहे चिह्नित, तीन महीने में डेंगू के मिले 59 संभावित मरीज, पांच कंफर्म

देवघर : जिले में डेंगू मरीज प्रतिदिन तीन से चार मरीज सरकारी हो या गैर सरकारी अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं व उनका इलाज किया जा रहा है. जिसमें कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया जा चुका है. जहां एक ओर कई जगह डेंगू से मरीजों की जान भी […]

देवघर : जिले में डेंगू मरीज प्रतिदिन तीन से चार मरीज सरकारी हो या गैर सरकारी अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं व उनका इलाज किया जा रहा है. जिसमें कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया जा चुका है. जहां एक ओर कई जगह डेंगू से मरीजों की जान भी जा चुकी है, वहीं प्रशासन व राहत के लिए एक बात यह है कि देवघर में फिलहाल ऐसी घटना नहीं हुई. इसके बावजूद देवघर के लोगाें में डर है कि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की यह निश्चिंतता कहीं कोई बड़ा मामले की वजह नहीं बन जाये.
अबतक डेंगू के 59 संभावित मरीज चिह्नित हुए हैं, लेकिन रिपोर्ट के आधार पर विभाग केवल पांच को ही डेंगू पीड़ित मान रहा है. जानकारी के अनुसार विभाग का यह अांकड़ा अगस्त से अक्तूबर तक का है. विभाग का मानना है कि दूसरे जगहों से बीमार होकर देवघर में इलाज के लिए डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं.
सदर अस्पताल में बिना मच्छरदानी के भी भर्ती मरीज
सदर अस्पताल में डेंगू के तीन डेंगू मरीज भर्ती हैं. जिसमें दो मरीज मनोज कुमार ओर सत्यवती देवी पहले से इलाजरत हैं. तीसरा मरीज बिहार के सिमुलतला निवासी अरुण कुमार को आज भर्ती कराया गया है. इसके अलावा दो मलेरिया के भी मरीज भर्ती हैं. दो मलेरिया ओर डेंगू मरीज को एक कमरे में रखने से कमरे का बेड भर गया है.
बुधवार को आये मरीज अरुण कुमार को जेनरल वार्ड में बीना मच्छरदानी के ही भर्ती कर दिया गया है. जबकि अरुण को कोलकाता में ही डेंगू पॉजिटिव बता कर घर भेज दिया गया था. इसके बाद बुधवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा देवघर के निजी क्लिनिक में बड़ा बाजार निवासी शाहिद सिद्दिकी, देवघर की पूजा कुमारी, देवघर के उमाशंकर तिवारी, देवघर की पुष्पा कुमारी, बिलासी की ममता पांडेय चिह्नित किये गये हैं.
कहते हैं अधिकारी
जिले में जो ड़ेंगू के मरीज मिल रहे है, उसमें अधिकतर बाहर से हैं, जिनका इलाज चल रहा है. देवघर के कुछ स्थानों में डेंगू की जानकारी मिली जहां नगर निगम को फॉगिंग करने को कहा गया है. विभाग की ओर से भी छिड़काव कराया जा रहा है, साथ ही लोगों को डेंगू से बचने के लिए जागरूकता किया जा रहा है. जेनरल वार्ड में भर्ती करीज के लिए मच्छदानी की व्यवस्था करने को आदेश दिया गया है.
डॉ सुधीर प्रसाद, डीआरसीएचओ
नहीं हो रहे फॉगिंग
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है बावजूद स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद भी नगर निगम किसी भी इलाके में फॉगिंग नहीं कराया जा रहा है. जबकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को कई बार लिखित रूप से जानकारी दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्र में संभावित डेंगू मरीज की संख्या बढ़ने को लेकर पत्र जारी कर उन क्षेत्र में फॉगिंग करने को कहा गया.
मेडिकल कॉलेज में डेंगू जांच की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अबतक डेंगू जांच के की सारी व्यवस्था मात्र राज्य में मात्र तीन ही मेडिकल कॉलेजों में किया गया है. जिसमें रिम्स रांची, पीएमसीएच घनबाद, तथा एमजीएम जमशेदपुर मेडिकल कॉलेज में किया गया है. जहां डेंगू मरीज के खून को एसएन वन, आइजीजी, आइजीएम रैपिड़ किट से जांच किया जाता है.

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