देवघर : देवघर में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले तीन दिनों में आठ डेंगू सस्पेक्टेट मरीजों की पहचान हुई है. सदर अस्पताल देवघर से शनिवार को तीन डेंगू सस्पेक्टेट मरीजों को जांच एवं बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया है. रविवार को भी डेंगू सस्पेक्टेट चार मरीज सामने आया.
स्वास्थ्य सूत्रों की माने तो देवघर में रविवार को जिन चार मरीजों की पहचान हुई है, उसमें बंधा देवघर के हिमांशु शेखर, सारवां के सुधीर कुमार यादव, देवघर के विनय कुमार राय एवं रानी कोठी देवघर के आनंद कुमार सिंह शामिल हैं. शनिवार को सस्पेक्टेट मरीज के रूप में कास्टर टाउन देवघर के गौरव कुमार, बाजला चौक देवघर के प्रेमलता कुमारी एवं बावन बीघा देवघर के बापी कुमार मिश्रा की पहचान की गयी थी.
रविवार को बृजभूषण झा को भरती कराया गया.
जांच के इंतजाम नहीं : सदर अस्पताल सहित देवघर में डेंगू बीमारी के लक्ष्ण पाये जाने वाले मरीजों के प्लेट लेट्स जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है. मरीजों में डेंगू बीमारी की लक्ष्ण पहचान में आने के बाद समुचित जांच के लिए रांची अथवा धनबाद भेजा जाता है.
ऐसे करें डेंगू बीमारी की पहचान
डेंगू बीमारी की जांच के लिए देवघर में भले ही कोई इंतजाम नहीं है. लेकिन, किसी को अचानक तेज बुखार आये, सिरदर्द बढ़ जाये, शरीर के विभिन्न हिस्सों में लाल दाना, पैरों में दर्द आदि की शिकायत मिलना यह डेंगू के लक्ष्ण है.
बरतें एहतियात
डेंगू से बचने के लिए घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में गंदगी पनपने नहीं दें. साफ पानी जमा न होने दें. एडीज मच्छर साफ पानी में ही लार्वा देती है. इसकी चपेट में आने के बाद बीमार लोगों की परेशानी काफी बढ़ जाती है. अगर समय पर इलाज नहीं कराया गया तो बीमार की मौत हो जाती है.
निगम को जागना जरूरी
देवघर में डेंगू फैलने की आशंका को देखते हुए देवघर नगर निगम की जिम्मेवारी बढ़ गयी है. शहर की समूचित साफ-सफाई जरूरी हो गयी है. कहीं भी पानी जमा न हो, इसके लिए रिस्पॉस टीम बनाने की आवश्यकता होगी.
शनिवार को तीन सस्पेक्टेट मरीजों को जांच व बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया. रविवार को डेंगू के मरीज सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे थे, इसकी कोई जानकारी नहीं है. प्लेटलेट्स की जांच के लिए देवघर में कोई इंतजाम नहीं है. धनबाद व रांची में डेंगू बीमारी की जांच के लिए पर्याप्त संसाधन है. सदर अस्पताल में मरीजों को भरती कर समुचित इलाज के लिए आइसोलेट वार्ड का इंतजाम किया गया है.
