बनारस में काम करने वाले सारवां का युवक डेंगू का शिकार

देवघर : बनारस में काम करने वाले सारवां थाना क्षेत्र के पथलचपटी गांव निवासी एक युवक हबीब अंसारी को डेंगू हो गया. तीन-चार दिनों से उसका प्लेटलेट्स भी गिर रहा था. इसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने रिपोर्ट देखकर उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिये बाहर रेफर कर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 13, 2018 7:51 AM
देवघर : बनारस में काम करने वाले सारवां थाना क्षेत्र के पथलचपटी गांव निवासी एक युवक हबीब अंसारी को डेंगू हो गया. तीन-चार दिनों से उसका प्लेटलेट्स भी गिर रहा था. इसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने रिपोर्ट देखकर उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिये बाहर रेफर कर दिया. ऑन ड्यूटी डॉक्टर एके अनुज ने बताया कि हबीब का प्लेटलेट्स 18000 है. परिजनों के मुताबिक बनारस में रहकर वह प्राइवेट काम करता था.
वहीं तीन-चार दिन पूर्व से उसे बुखार हो रहा था. वहीं इलाज कराया तो डॉक्टर ने डेंगू होने की संभावना जतायी. इसके बाद वह घर आ गया. कुंडा थाना क्षेत्र में पांडेय दुकान के आसपास किसी प्राइवेट डॉक्टर के पास इलाज कराने लगा. वहां तबीयत में कुछ सुधार नहीं हुई तो गुरुवार रात में परिजन सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. रातभर अस्पताल में ही हबीब को भरती रखा गया. सुबह में जब रिपोर्ट में प्लेटलेट्स काउंट 18000 पाया गया, तब उसे बेहतर इलाज के लिये बाहर भेज दिया गया.
वीबीडी कार्यालय में सूचना नहीं
रातभर डेंगू मरीज सदर अस्पताल में भर्ती रहा. बावजूद सदर अस्पताल प्रबंधन की ओर से जिला वीबीडी (वैक्टर जनित रोग नियंत्रण) कार्यालय को कोई सूचना नहीं दी गयी. अगर वीबीडी कार्यालय को डेंगू मरीज के बारे में सूचना रहती तो टीम उसके गांव तक पहुंचती. आसपास जांच-पड़ताल कर नाले आदि में छिड़काव कराया जाता.
ब्लड टेस्ट आदि परिजनों व आसपास के लोगों का भी कराया जाता. स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि डेंगू मरीज कहीं भरती होता है तो उसके बारे में वीबीडी कार्यालय को सूचित करने का दायित्व उस अस्पताल प्रबंधन की होती है.