सुमन सौरभ
देवघर : देवघर जिला के देवघर प्रखंड के दर्जनों गांव के किसान अपनी दृढ़ता व जिद के दम पर सैकड़ों एकड़ सूख रहे फसलों को बचाने के लिए नाला खोद रहे हैं. वे नदी से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जुटे हैं. सुखाड़ से परेशान देवघर जिला के सातर खरपोस के ग्रामीणों की जब जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने नहीं सुनी, तो उन्होंने खुद ही यह काम करने की ठानी.
डढ़वा नदी से डेढ़ किमी तक खेतों में पटवन के लिए किसान नाला खोद रहे हैं. नाला बनने से डढ़वा नदी के पानी से 800 एकड़ धान के खेत में सिंचाई हो सकेगी. इससे हरला टांड़, कुरूमटांड़, सतरिया समेत 45 गांव के किसानों को फायदा होगा. नाला खोदने में जुटे किसानों ने कहा कि सब जगह गुहार लगायी, किसी ने नहीं सुनी तो हमलोगाें ने िमलकर खुद नाला बनाने का काम शुरू कर दिया.
फसल बचाने को मवेशी तक बेची, पर किसी का नहीं पसीजा दिल : कुरूमटांड़, हेरलाटांड़, सतरिया, महतोडीह, सातर, कुशमील, संकरी गली, बैंगी बिशनपुर, पदमपुर गांव के किसान बताते हैं कि सुखाड़ को देखते हुए मुखिया से लेकर विधायक व अधिकारियों से भी गुहार लगायी.
विधायक को फोन किया, तो जवाब आया कि अभी कोई फंड नहीं है. यहां के कई किसान मवेशी बेचकर फसल बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. दुर्गापूजा भी नजदीक है. ऐसे में किसानों ने निर्णय लिया कि अब वे किसी के आगे हाथ फैलायेंगे. सभी ने मिलकर लगभग डेढ़ किमी की दूरी से गुजरी डढ़वा नदी से नाला खोद कर पानी लाने की ठान ली. कुदाल व फावड़ा लिया और जुट गये काम करने.
वोट मांगने आयेंगे तो भगायेंगे: नाला खुदाई के काम में जुटे यहां के किसानों को जनप्रतिनिधि के प्रति काफी गुस्सा है. इनका कहना है कि सुखाड़ काे देखते हुए जनप्रतिनिधि को अपने फंड से तत्काल नाला बनाना चाहिए था. पर ऐसा नहीं किया. अब दोबारा वोट मांगने आयेंगे, तो उन्हें भगा देंगे.
