देवघर : मोहनपुर थाना क्षेत्र के मोरने गांव स्थित स्कूल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में साइबर ठगी करते छह युवकों को पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया. देवघर की साइबर डीएसपी नेहा बाला व उनके साथ पुलिस जवानों की टीम ने सादे लिबास में पहले तीन घंटे तक रेकी की. इसके बाद पूरी तैयारी के साथ छापेमारी कर सभी युवकों को पकड़ा.
इससे पहले डीएसपी ने मोरने गांव से तीन किलोमीटर दूर चंदनाठाढ़ी मोड़ पर ही अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी व पुलिस जवानों के साथ चेहरे को गमछा से छिपा कर बाइक से निकल पड़ी. इस दौरान साइबर थाना प्रभारी जगदेव पाहन तिर्की समेत कई जवान सादे लिबास में कुछ दूरी बनाकर साथ चल रहे थे.
मोरने गांव पहुंचते ही ग्रामीण महिला की तरह डीएसपी गांव में पैदल चलती रही, तभी बांस के पेड़ के नीचे एक झाड़ी में छिपकर खुद को बैंक अधिकारी बताकर करीब 20 की संख्या में युवक साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे. डीएसपी समेत पुलिस के जवान जब साइबर ठगों को दबोचना शुरू किया, तो अफरातफरी मच गयी.
इस दौरान पुलिस ने छह युवकों को दबोच लिया तथा शेष भागने में सफल रहे. गिरफ्तार लोगों में शाहरुख अंसारी, अमजद अंसारी, फिरोज अंसारी, साजिद अंसारी व दो नाबालिग शामिल हैं. गिरफ्तार युवकों को छुड़ाने के लिए गांव की दर्जनों महिलाएं पुलिस से उलझ गयी, इस दौरान एक पुलिसकर्मी को चोट भी आयी.
एक ही जगह से किये जा रहे थे लगातार कॉल : साइबर सेल ने मोरने के साइबर ठगों को डंप कॉल व लोकेशन के जरिये खोज निकाला. पुलिस के अनुसार, मोरने के एक ही जगह से लगातार फोन कॉल हो रहे थे. करीब 20 नंबरों से एक ही स्थान से देश भर के अलग-अलग हिस्से में फोन किये जा रहे थे. कई फोन कॉल एक ही सीरीज के नंबरों से किये जा रहे थे. पुलिस ने कॉल का सीडीआर निकाला व लोकेशन के आधार पर मोरने के झाड़ियों तक पहुंची.
