कल्याणकारी योजना के तहत बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी व सीओ ने भेजा प्रस्ताव
देवघर : बाबा मंदिर दान से प्राप्त करोड़ों की राशि जनकल्याणकारी कार्य पर खर्च करने की योजना मंदिर के अधिकारियों ने बनायी है. पहली बार बाबा मंदिर शिव-पार्वती मातृत्व सह शिशु सदन के नाम से चिकित्सालय खोलने की पहल की है. संस्थागत प्रसव की सुविधा के लिए टावर चौक स्थित पुराना सदर अस्पताल भवन में चिकित्सालय खोलने का प्रस्ताव अपर समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी बाबा बैद्यनाथ मंदिर देवघर को दिया गया है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर के सहायक मंदिर प्रभारी, अंचलाधिकारी देवघर, मोहनपुर व सारठ द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि पुराना सदर अस्पताल असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना हुआ है.
श्राइन बोर्ड को पुराना सदर अस्पताल भवन हस्तांतरण के लिए अनुरोध-पत्र भेजा गया था. सरकार के स्तर पर स्वीकृत आदेश लंबित है.
चिकित्सालय खोलने के लिए मार्गदर्शन कमेटी भी बनायी : शिव पार्वती के समेकित मार्गदर्शन के लिए कमेटी का गठन किया जा सकता है.
कमेटी में मुख्य संरक्षक के रूप में गोड्डा सांसद, संरक्षक के रूप में देवघर विधायक व डीसी देवघर, संयोजक के रूप में अपर समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी बाबा बैद्यनाथ मंदिर एवं सचिव के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी देवघर शामिल होंगे. एनओसी प्राप्त कर कमेटी के पदाधिकारी को मनोनीत किया जा सकता है. आवश्यक आधारभूत संरचना के निर्माण व मरम्मत के प्राक्कलन के लिए सिविल सर्जन की अध्यक्षता में 11 सदस्यों की कमेटी बनाकर प्रस्ताव लिया जा सकता है.
प्राप्त अनुमानित प्राक्कलन के आधार पर बाबा मंदिर के दान कोष व अन्य जगहों के दाताओं से सहायता राशि प्राप्त कर एक महीने में सदन में काम शुरू किया जा सकता है. डीसी देवघर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रस्तावित कमेटी के साथ एक सप्ताह के अंदर बैठक कर जनकल्याणकारी योजना को मूर्त रूप दिया जा सकता है.
मातृत्व पीड़ा से महिलाओं की स्थिति मुश्किल में
अपर समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी बाबा बैद्यनाथधाम मंदिर देवघर को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि पुजारियों, पुरोहितों व आसपास के आमलोगों के परिवार की महिलाओं को मातृत्व पीड़ा की स्थिति में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप संस्थागत प्रसव एवं शिशु चिकित्सा के लिए कई मातृत्व अस्पताल समय की मांग है. प्रति वर्ष बाबा मंदिर में लगभग एक करोड़ की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है. दान से करोड़ों रुपये की प्राप्ति होती है. लेकिन, आज तक बाबा मंदिर द्वारा आमजनों एवं श्रद्धालुओं के कल्याण के लिए कोई व्यवस्था नहीं हो पायी है.
आयकर की धारा 80 सी से मंदिर को नहीं मिल पा रहा लाभ
पत्र में कहा गया है कि देशभर में मंदिरों व ट्रस्टों द्वारा जनकल्याणकारी कार्य किये जा रहे हैं. ऐसा नहीं कर पाने के कारण बाबा मंदिर को आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत शत प्रतिशत छूट नहीं मिल पाता है. इससे प्रति वर्ष करोड़ाें की हानि होती है.
सेवानिवृत सेना के पदाधिकारी देंगे सेवा
शिव पार्वती मातृत्व सह शिशु सदन के सफल संचालन के लिए भारतीय सेना से सेवानिवृत चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रबंधकीय पद स्तर पर रखने, राष्ट्रीय स्तर के दक्ष चिकित्सक व नर्स कि मांग के लिए आवश्यक तकनीकी पदाधिकारी व आवश्यक कर्मी के व्यय का आकलन जरूरी है.
दान के लिए इन्हें करेंगे प्रेरित
पत्र में कहा गया है कि माता-पिता के स्मृति में दान देने वाले आमजनों, दाताओं से छोटे-छोटे उपकरण दान स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया जा सकता है. इस काम के लिए बाबा मंदिर कोष के दाताओंं के साथ आइओसीएल जसीडीह, इसीएल चितरा एवं बड़े उद्योगपतियों से भी सहयोग के लिए अनुरोध किया जा सकता है.
यह बहुत के अच्छा प्रयास है. पुराना सदर अस्पताल का बिल्डिंग धीरे-धीरे खंडहर होता जा रहा है. वहां पर मंदिर की ओर से मातृत्व सदन खुलने से समाज के लिए एक अच्छा कार्य होगा. सामाजिक कार्य करने की पहल के लिए मंदिर के अधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं.
– डॉ निशिकांत दुबे, सांसद
