घंटों बैठ कर करते हैं अड्डेबाजी
देवघर : सदर अस्पताल के ओपीडी समेत इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों के साथ हमेशा मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) का जमावड़ा लगा रहता है. इससे मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी होती है. जबकि कुछ एमआर डॉक्टर के सामने कुर्सी लगाकर घंटों बैठ कर अड्डाबाजी करते रहते है. मजबूरन मरीजों को खड़े- खड़े इलाज कराना पड़ा है.
मरीजों को बैठने तक भी नहीं दिया जाता है. प्रतिदिन सदर अस्पताल के ओपीडी हो या इमरजेंसी वार्ड डॉक्टरों को मरीजों से ज्यादा एमआर काे देखना पड़ता है, जबकि बाहर मरीजों का इलाज कराने के लिए तांता लगा रहता है. एमआर आते ही डॉक्टर के चैंबर में घुस कर कुर्सी पर बैठ जाते हैं, और दवाई, साबुन, पाउडर, तेल समेत अन्य प्रकार के सैंपल दिखाने में लग जाते है. इसके अलावा घंटों बैठ कर अड्डाबाजी करते रहते है. इसे में डॉक्टर का समय तो जाता ही है, उसके साथ मरीजों को काफी परेशानी होती है.
मरीज घंटों लाइन में खड़ा होकर पीड़ा ओर परेशानी झेलते हुए खड़े रहते है, और अंदर एमआर डॉक्टर के चैंबर अपने उत्पाद दवाओं समेत अन्य सामान को बेचने में लगे होते है. कुछेक एमआर मरीजों की परची पर दवा भी लिखते नजर आते है.
जानकारी के अनुसार, बीते करीब दो माह से दो एमआर प्रतिदिन इमरजेंसी वार्ड में दोपहर तीन बजे से रात 10 बजे तक डॉक्टर के सामने कुर्सी पर बैठे रहते है. इसके साथ अपनी कंपनी की दवा बेचने के अलावा डॉक्टर से उस कंपनी के दवा लिखने को भी मजबूर करते हैं. मरीजों द्वारा इसकी शिकायत कई बार प्रबंधन से की गयी, बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.
कहते हैं अधिकारी
अभी बाहर हैं, आने के बाद इसे ध्यान में रखकर कार्रवाई की जायेगी. किसी भी मेडिकल रिप्रजेंटेटिव को अस्पताल में आकर अड्डाबाजी नहीं करना है और न ही विजिट करना है. यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है.
डॉ कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन देवघर
