32 लाख की लागत से बना पोस्टमार्टम हाउस है बंद

मधुपुर : पथलचपटी स्थित बैकुंठधाम के निकट 31.98 लाख की लागत से बना पोस्टमार्टम हाउस भवन पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है. वहीं इस क्षेत्र के लोगों को हादसों में अपनों के चले जाने के गम के साथ हजारों रुपये खर्च कर उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए देवघर लेकर जाना पड़ता है. शव […]

मधुपुर : पथलचपटी स्थित बैकुंठधाम के निकट 31.98 लाख की लागत से बना पोस्टमार्टम हाउस भवन पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है. वहीं इस क्षेत्र के लोगों को हादसों में अपनों के चले जाने के गम के साथ हजारों रुपये खर्च कर उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए देवघर लेकर जाना पड़ता है.
शव को देवघर भेजने के लिए पुलिस को करनी पड़ती है मशक्कत : किसी हादसा या ट्रेन से कटकर मौत होने के बाद शव को पोस्टमार्टम हेतु देवघर भेजने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
परिजनों को भाड़े में वाहन लेकर देवघर ले जाना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी अज्ञात शव का पोस्टमार्टम कराने में होती है. पुलिस के पास अपना कोई फंड नहीं है. आम लोगों के साथ भी यही परेशानी है कि घटना के बाद उसे दो हजार खर्च कर देवघर जाना आना पड़ता है. हालांकि रेलवे से कटकर मौत के मामले में सिर्फ रेल पुलिस को ही मौत का मेमो देने पर 1200 रुपया देने का प्रावधान है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >