हाइकोर्ट की अनुशंसा बिना संतालपरगना में बेंच नहीं

देवघर : कई सालों से संतालपरगना में हाइकोर्ट के बेंच की स्थापना की मांग उठती रही है. जल्द से जल्द यहां के लोगों के लिए हाइकोर्ट का बेंच खुले इसके लिए गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे लगातार लोकसभा में आवाज बुलंद कर रहे हैं. यहां तक कि 2014 में उन्होंने लोकसभा में इसके लिए बिल […]

देवघर : कई सालों से संतालपरगना में हाइकोर्ट के बेंच की स्थापना की मांग उठती रही है. जल्द से जल्द यहां के लोगों के लिए हाइकोर्ट का बेंच खुले इसके लिए गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे लगातार लोकसभा में आवाज बुलंद कर रहे हैं. यहां तक कि 2014 में उन्होंने लोकसभा में इसके लिए बिल भी लाया था. गोड्डा सांसद ने इसके लिए लॉ डिपार्टमेंट सहित अन्य संबंधित विभागों को पत्र भी लिखा है.
पुन: बुधवार को सांसद ने लोकसभा में हाइकोर्ट बेंच के संदर्भ में सरकार का जवाब जानना चाहा. प्रश्न के जवाब में संसद में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संतालपरगना में हाइकोर्ट के बेंच की स्थापना का प्रस्ताव अभी झारखंड हाइकोर्ट से नहीं आया है.
नियमत: इसके लिए झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के नेतृत्व वाली कोलेजियम की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव आयेगा. तभी केंद्रीय कानून मंत्रालय विचार करेगा. प्रस्ताव नहीं आने के कारण ही संतालपरगना में हाइकोर्ट के बेंच की स्थापना का निर्णय नहीं हो सका है.
गरीब जनता तय करती है 350-400 किमी दूरी
संसद में डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि संतालपरगना गरीब इलाका है. हमारा हाइकोर्ट रांची है. सरकार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के लिए ज्युरिडिक्शन तय कर ही है, एक करोड़ से तीन लाख ला रहे हैं. आप गरीब व्यापारियों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं. संतालपरगना के गरीब लोगों को 350-400 किमी जाने में देर लगती है, अधिक पैसे खर्च होते हैं. आपने अधिकार हाइकोर्ट को दिया हुआ है.
फिर भी हाइकोर्ट के बेंच का मामला जो दुमका में स्थापित होना है, पेंडिंग है. इसकी स्थापना के लिए सरकार ध्यान दें. केंद्रीय मंत्री सांसद के सवाल का जवाब दे रहे थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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