देवघर : संतालपरगना के किसानों के लिए खुशखबरी है. क्योंकि अगस्त या सितंबर माह से संतालपरगना के दो कृषि कॉलेज देवघर व गोड्डा तथा हंसडीहा डेयरी कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने वाली है. इसके लिए मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की टीम ने तीनों कॉलेजों का निरीक्षण किया. यहां मौजूद सुविधाओं को देखा.
टीम का नेतृत्व कर रहे सदस्यों ने कहा कि अगले सप्ताह तीनों कॉलेज भवनों का सर्वे होगा. सर्वे के बाद टीम कॉलेज स्टार्ट करने के लिए जरूरी सुझाव देगी. टीम की रिपोर्ट के बाद दोनों कृषि कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो जायेगी. बीएयू की टीम का नेतृत्व कंसलटेंट गजेंद्र चौहान कर रहे हैं.
टीम एक सप्ताह तक यहीं रहेगी और तीनों कॉलेजों के भवनों, वहां मौजूद सुविधाओं का आकलन करेगी.पढ़ाई शुरू करने के लिए जरूरी सुविधाओं से संबंधित रिपोर्ट देगी, उसके बाद इन कॉलेजों में पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा. टीम के अनुसार अगले माह से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है.
रोजगार व व्यवसाय के अवसर पैदा होंगे
यहां कॉलेजों के खुल जाने से किसानों को फायदा होने वाला है. यहां अध्ययनरत छात्रों और प्रोफेसरों से यहां के किसान खेती के आधुनिक तौर-तरीके भी सीख सकेंगे. इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को तृतीय व चतुर्थवर्गीय पदों पर नौकरी भी मिलेगी बल्कि रोजगार और व्यवसाय का भी अवसर पैदा होगा.
स्थानीय छात्रों को मिलेगी प्रेरणा
मिली जानकारी के अनुसार कृषि व डेयरी कॉलेजों के खुल जाने से संतालपरगना के स्थानीय युवा जो कृषि के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें प्रेरणा मिलेगी. वहीं सरकार की मंशा है कि संतालरगना में कृषि विश्व विद्यालय की स्थापना हो. जब यह यह विश्वविद्यालय का रूप ले लेगा तब यहां के छात्र-छात्राओं के लिए सीटें भी आरक्षित रहेगी. रिव्यू करने आयी टीम में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के दो इंजीनियर और आर्किटेक्ट भी हैं. इन लोगों के अलावा निरीक्षण के दौरान सांसद निशिकांत दुबे के प्रतिनिधि प्रिंस सिंघल और शुभ्रांशु सुमन भी मौजूद थे.
