देवघर : दहेज हत्या के दोषी पति विभीषण कापरी व सास बसुनी देव्या को 10-10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनायी गयी. साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माने की राशि मृतका रिंकू देवी की मां इनीया देव्या को दी जायेगी जो सजायाफ्ता विभीषण कापरी को चुकानी होगी. यह राशि भुगतान नहीं करने पर अलग से तीन माह की कैद की सजा काटनी होगी.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से ब्रह्मदेव पांडेय ने आठ लोगों की गवाही दिलायी व दोष सिद्ध करने में कामयाब रहे. सूचक की ओर से एडवोकेट कांता कुमारी भी शामिल थी. बचाव पक्ष से अधिवक्ता दिनेश्वर पंडित ने पक्ष रखा. इस केस में 51 माह में फैसला आया. दोनों आरोपित सारठ थाना के महेशलेटी गांव के हैं जबकि केस करने वाली महिला इनिया देव्या दुमका जिले के सरैयाहाट थानान्तर्गत अस्सीखंडा गांव की है.
बाइक व 50 हजार नहीं देने पर कर दी थी हत्या : सारठ थाना क्षेत्र के महेशलेटी गांव में यह घटना 11 अप्रैल 2014 को घटी थी. दर्ज एफआइआर के अनुसार इनिया देव्या ने अपनी बेटी रिंकू देवी की शादी विभीषण कापरी के साथ की थी. शादी के बाद ससुराल में पति व सास दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये नकद मांग रहे थे जिसकी सूचना रिंकू ने अपनी मां को दी. मां ने दहेज देने में असमर्थता दिखायी, तो आरोपितों ने उनकी बेटी को जला कर मार दिया था.
इसकी जानकारी मिलने पर मृतका की मां महेशलेटी गांव थाना सारठ पहुंची, तो जली हुई अवस्था में अपनी बेटी को देखी. इस घटना के संदर्भ में मृतका की मां ने एफआइआर दर्ज करायी थी, जिसमें बेटी के पति व सास को आरोपित बनाया. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया. पश्चात केस ट्रायल के लिए सेशन कोर्ट भेजा गया जहां पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उक्त फैसला दिया गया.
