देवघर : गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने लोकसभा के ध्यानाकर्षण में नियम 377 के तहत देवघर के विकास का मामला उठाया. इसमें सांसद ने कहा है कि पर्यटन मंत्रालय भारत द्वारा देवघर को प्रसिद्ध शहर में शामिल करने के साथ-साथ मेगा पर्यटक शहर में शुमार किया गया है. यह 51 शक्तिपीठ में अद्वितीय व द्वादश ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है.
पूर्वी भारत का धार्मिक व सांस्कृतिक राजधानी होने के कारण यहां हर वर्ष पांच करोड़ तीर्थयात्री आते हैं, इसलिए सरकार से निम्नलिखित परियोजना शुरू करने का अनुरोध करता हूं. इसमें देवघर में सेना की बहाली के साथ प्रस्तावित सैन्य स्टेशन, डीआरडीओ लैब, आयुष फैक्टरी, गोड्डा में सैनिक स्कूल एवं देवघर में सेना में बहाली के लिए केंद्र प्रमुख है.
प्रस्तावित सैन्य स्टेशन के लिए के लिए चार सौ से पांच सौ एकड़ जमीन देवघर डीआरडीओ सेंटर के उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य का अधिकांश भाग नक्सलवाद व आतंकवाद से प्रभावित है. निराशा व अलगाववाद की भावना का संकेत है. यह झारखंड के बड़े हिस्सों में फैल रहा है. संताल परगना क्षेत्र जो न केवल व्यवस्थित रूप से हाशिये पर है, बल्कि निर्दयता पूर्वक शोषित व कब्जे में है.
