देवघर : रमेश की मौत की खबर मिलते ही परिजनों व उसके चाहने वालों की भीड़ सदर अस्पताल में जुटने लगी. घटना से लोग काफी आक्रोश व गुस्से में थे. देखते-देखते लोग बेकाबू होने लगे. सदर अस्पताल में ही तोड़-फोड़ शुरू कर दी. इतने में ही आक्रोशितों लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ.
एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव के सामने ही पूर्व एसडीपीओ का नाम लेकर गाली-गलौज व अपशब्द का प्रयोग करते रहे. इसके बाद एक जिप सदस्य के पति ने भीड़ को उकसाते हुए कहने लगे कि इस सरकार में दो समुदाय की हत्या हो रही है. उन्होंने रोड जाम करने की बात कहते हुए लोगों को उकसा दिया. इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही. आक्रोशित लोगों ने स्ट्रेचर पर रखे रमेश के शव को खींचते हुए सदर अस्पताल से बाहर निकालकर ले जाने लगे.
पुलिस ने उन्हें रोकने तक का प्रयास नहीं किया. स्ट्रेचर पर पड़े रमेश के शव को सड़क पर खिंचते हुए बैद्यनाथपुर की ओर चल दिये. इस दौरान रास्ते में दुकानदारों को धमकी देते हुए दुकान बंद करा रहे थे. भीड़ ने सड़क पर कई जगह टायर जला कर आक्रोश जताया.
बैद्यनाथपुर मोड़ से महेशमारा चौक तक किया जाम: अस्पताल से शव लेकर परिजन व मुहल्लेवासियों ने बैद्यनाथपुर मोड़ से लेकर महेशमारा चौक तक जाम कर दिया. इस बीच तीन जगहों पर टायर जला दिया. विजय मंडल के घर को जलाने व तोड़ने की रणनीति बना कर लाठी-डंडा व केरोसिन लेकर करीब दो सौ की संख्या में लोग चल दिये.
विजय मंडल के घर के सामने पहुंच कर भीड़ ने उसके घर में रोड़ेबाजी शुरू कर दी. इसे रोकने पहुंची पुलिस को भी आक्रोश झेलना पड़ा. भीड़ ने एकाएक पुलिस व पत्रकारों पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया. पुलिस व मीडिया वाले कुछ समझ पाते, इससे पहले उन लोगों ने ताबड़तोड़ लाठी व ईंट से प्रहार कर दिया. इसमें कई मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मी घायल हो गये. घटना में पत्रकार संजीव मिश्रा की काफी पिटाई कर दी व स्मार्टफोन भी छीन लिया गया.
