देवघर : मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी शाम छह बजे बाबा मंदिर परिसर पहुंचे. बाबा मंदिर परिसर, संस्कार मंडप व क्यू कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया. इन जगहों पर कांवरियों को मिलने वाली सुविधाओं व परेशानियों की जानकारी ली. बैठक कर श्रावणी मेले के दौरान बाबा मंदिर में अरघा लगाने की नयी व्यवस्था तय की.
मुख्य सचिव ने कार्मिक सचिव, डीसी, एसपी व दुर्लभ मिश्र के साथ अरघा को लेकर बैठक की व एक प्लान बनाया गया. प्लान के तहत आये कांवरियों को बाबा का दर्शन कराने के लिये काठगेट के पास ही साढ़े तीन फुट ऊंचा अरघा लगा कर इसे दो फीट नीचे तक पाइप लाइन से जलार्पण की व्यवस्था की बात की. उसके बाद महिला गेट से सटे धरना स्थल पर एक लंबा बाह्य अरघा लगाकर महिला गेट से पाइप लाइन बनाकर इसे मुख्य अरघा में जोड़ने पर सहमति बनी.
अरघा स्थल पर बड़ा एलइडी लगाने की बात हुई, जिससे भक्त देख सकें कि उनका जलार्पण हो रहा है या नहीं. निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव के साथ देवघर में श्रावणी मेले के दौरान पहली बार कतार व्यवस्था लागू करने वाले डीसी सह कार्मिक सचिव केके खंडेलवार, डीसी राहुल कुमार सिन्हा, एसपी नरेंद्र कुमार सिंह भी थे.
इससे पहले संस्कार मंडप में पंडा धर्म रक्षिणी सभा के पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्र ने सीएस को भीड़ से निबटने व शीघ्र जलार्पण के लिए संस्कार मंडप से ब्रिज का निर्माण कराकर यहां से डबल लाइन उतारने की सलाह दी. इसके अलावा वर्तमान में अरघा से जलार्पण के दौरान कांवरियों को शिवलिंग का दर्शन बेहतर तरीके से नहीं होने के कारण इसे दूर से लगा कर ट्रायल करने की बात कही.
ये लोग थे मौजूद :
मौके पर एसी अंजनी कुमार दुबे, सहायक प्रभारी दीपक मालवीय, सुनील तिवारी, एसडीपीओ विकास चंद्र तिवारी, प्रबंधक रमेश परिहस्त, सरदार पंडा के भाई सच्चिदानंद झा सहित दर्जनों अधिकारी मौजूद थे.
अरघा लगाने की नयी व्यवस्था तय की गयी
बाबा का दर्शन कराने के लिये काठगेट के पास ही साढ़े तीन फुट ऊंचा अरघा लगा कर पाइप लाइन से जलार्पण की व्यवस्था
महिला गेट से सटे धरना स्थल पर एक लंबा बाह्य अरघा लगाकर इसे मुख्य अरघा में जोड़ने पर सहमति
