अभी से पानी के लिए मारामारी

जल संकट. शहर के कई मुहल्लों में पेयजल संकट गहराया... पुराने सदर अस्पताल परिसर में रहने वाले लोग अभी से पेयजल संकट से त्राहिमाम कर रहे हैं देवघर : गर्मी शुरू होते ही शहरी क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है. फिलहाल, नगर निगम क्षेत्र के बजरंगी चौक इलाका, निजामत हुसैन रोड, सूरजमल जालान रोड, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 13, 2018 4:30 AM

जल संकट. शहर के कई मुहल्लों में पेयजल संकट गहराया

पुराने सदर अस्पताल परिसर में रहने वाले लोग अभी से पेयजल संकट से त्राहिमाम कर रहे हैं
देवघर : गर्मी शुरू होते ही शहरी क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है. फिलहाल, नगर निगम क्षेत्र के बजरंगी चौक इलाका, निजामत हुसैन रोड, सूरजमल जालान रोड, क्लब ग्राउंड के आसपास के मुहल्ले, राम मंदिर के समीप, राय कंपनी मोड़, स्टेशन रोड व पुराना सदर अस्पताल परिसर में रहने वाले लोग अभी से पेयजल संकट से त्राहिमाम कर रहे हैं. पानी की जुगाड़ में लोग दिन तो दिन, रतजगा करके भी सरकारी नल व चापानल के सामने बाल्टी, डिब्बा व कंटेनर लेकर घंटों कतार में खड़े रहते दिखाई पड़ रहे हैं. दूसरी अोर निगम प्रबंधन की अोर से कई मुहल्लों में टैंकर के जरिये वाटर सप्लाइ हो रही है. मगर, यह प्रयास अभी से नाकाफी साबित हो रहा है.
सक्षम व्यक्ति व होटल मालिक टैंकर से लेते हैं पानी
होटल मालिक व सक्षम व्यक्ति निजी संपर्क के जरिये टैंकरों से अपने होटल में अौर आवश्यकता के अनुसार पानी की व्यवस्था में जुटे रहते हैं. लोगों की समस्या को देखते हुए टैंकर संचालक भी अवसर का वाजिब कीमत वसूलते हैं. सामान्य दिनों के मुकाबले टैंकर संचालक भी अभी से 500-550 रुपये प्रति टैंकर की दर से बिकने वाले पानी के लिए 600-650 रुपये प्रति टैंकर ले रहे हैं. क्राइसिस से निबटने के लिए संचालकों द्वारा क्यू सिस्टम का फंडा अपनाया जा रहा है. जबकि, धर्मशालाअों व होटलों में उंचे दाम पर रोज की तरह सप्लाइ जारी है.
कहते हैं मुहल्लेवासी
अभी तो गर्मी शुरू भी नहीं हुई है. मगर, उससे पहले नगर निगम की अोर से पानी का सप्लाइ बाधित हो गया है. इससे निबटने का स्थायी हल निकले.
– रासबिहारी पंडित
स्टेशन रोड मुहल्ले में हर साल पानी की समस्या बनी रहती है. मगर, न कोई जनप्रतिनिधि अौर न नगर निगम प्रबंधन की अोर से ही इस समस्या का हल निकाला जाता है.
– शुभम कुमार
नगर निगम शहरवासियों पर हर साल टैक्स पर टैक्स लादे जाता है. मगर, पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का निदान नहीं निकाला जाता. -संजीता देवी