देवघर ग्रेन बैंक के पास है करोड़ों की संपत्ति

1903 में ग्रेन बैंक की स्थापना के बाद सरकार ने ग्रेन बैंक को पूंजी दी थी देवघर : किसानों के हित के लिए बनी देवघर ग्रेन बैंक समेत ग्रेन गोला आज विभागीय उदासीनता की वजह से बदहाल है. लेकिन अपनी बदहाली पर आंसू बहाने वाला देवघर ग्रेन बैंक के अधीन करोड़ों रुपये की जमीन व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 26, 2018 5:21 AM
1903 में ग्रेन बैंक की स्थापना के बाद सरकार ने ग्रेन बैंक को पूंजी दी थी
देवघर : किसानों के हित के लिए बनी देवघर ग्रेन बैंक समेत ग्रेन गोला आज विभागीय उदासीनता की वजह से बदहाल है. लेकिन अपनी बदहाली पर आंसू बहाने वाला देवघर ग्रेन बैंक के अधीन करोड़ों रुपये की जमीन व भवन की संपत्ति है. देवघर ग्रेन बैंक के अधीन पूरे जिले में 25 ग्रेन गोला हैं. इस ग्रेन गोला के पास कई एकड़ जमीन व भवन हैं.
पालोजोरी व देवघर समेत कई ग्रेन गोला में दुकानें भी चल रही है. इन दुकानों की बंदोबस्ती ग्रेन बैंक के अवैतनिक मंत्री बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग के बाद करते थे. 1903 में ग्रेन बैंक की स्थापना के बाद सरकार ने ग्रेन बैंक को पूंजी दी थी, इस पैसे से किसानों को खेती में खाद व बीज की खरीदारी के लिए ऋण दी जाती थी.
किसानों को काफी कम ब्याज पर ऋण दी जाती थी व ब्याज में अनाज ही लिया जाता था. ग्रेन बैंक का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता गया तो जिले भर में 25 ग्रेन गोला का निर्माण कराया गया. इस ग्रेन गोला में गोलेदार की प्रतिनियुक्ति की गयी. 25 ग्रेन गोला से ही किसानों को पूंजी के लिए पैसे दिये जाते थे व वापस ब्याज में अनाज लिया जाता.
उपज होने के बाद किसान अपना बीज भी अगले वर्ष के लिए ग्रेन गोला में जमा करते थे, किराये के बदले में काफी अनाज किसानों को ग्रेन गोला प्रबंधन काे देना पड़ता था. इस पूरी प्रक्रिया पर ग्रेन बैंक का नियंत्रण रहता था. यह काराबोर बढ़ने पर ग्रेन बैंक का रजिस्ट्रेशन को-ऑपरेटिव से कर इसे जोड़ दिया गया, लेकिन विभाग की उदासीनता से किसानों के आर्थिक विकास से जुड़ी यह ग्रेन बैंक का अस्तित्व अब खतरे में है.
जर्जर अवस्था में 25 ग्रेन गोला
विभिन्न प्रखंडों में स्थित ग्रेन गोला की स्थिति बदतर होती जा रही है. कई जगह तो ग्रेन गोला के भवन व जमीन पर कब्जा तक हो चुका है. अधिकांश जगहों पर ग्रेन गोला का भवन जर्जर अवस्था में है, इसकी कभी मरम्मत कार्य भी नहीं होती है. अगर इन भवनों की मरम्मत हुई, तो फिर से ग्रेन गोला किसानों के लिए उपयोगी बन सकता है.
यहां है ग्रेन गोला व जमीन
रोहिणी, माधोपुर, देवीपुर, बंदे, देवघर ग्रेन गोला, पुनासी, मोहनपुर, घोरमारा, कुशमाहा, मधुपुर, जगदीशपुर, चौधरीडीह, रांगा सिरसा, सारठ, कुकराहा, बनवरिया, वीरजामुन, पालोजोरी, चौधरी नवाडीह, सरसा, बगदाहा, सारवां, मनिगढ़ी, सोनारायठाढ़ी, रायकुंड.