इलाजरत महिला सदर अस्पताल से फरार

एडोप्शन एजेंसी के संरक्षण में रखी गयी है फरार महिला की बच्ची यात्रियों की सूचना पर आरपीएफ ने रविवार को मां-बच्ची को उतार कर सीडब्ल्यूसी के हवाले किया था देवघर : सीडब्ल्यूसी की पहल पर इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती करायी गयी. महिला अस्पताल से पलायन कर गयी. अस्पताल से वह कब कहां […]

एडोप्शन एजेंसी के संरक्षण में रखी गयी है फरार महिला की बच्ची

यात्रियों की सूचना पर आरपीएफ ने रविवार को मां-बच्ची को उतार कर सीडब्ल्यूसी के हवाले किया था
देवघर : सीडब्ल्यूसी की पहल पर इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती करायी गयी. महिला अस्पताल से पलायन कर गयी. अस्पताल से वह कब कहां गयी, इसकी जानकारी किसी को नहीं है. उसे जब बेड पर नहीं देखा गया तो अस्पताल उपाधीक्षक को मामले की जानकारी दी गयी. सदर अस्पताल उपाधीक्षक ने मामले की सूचना सीडब्ल्यूसी को दी. इसके बाद सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन ललित कुमार सिन्हा व सदस्य कौशल कुमार महिला के भागने की शिकायत देने नगर थाना पहुंचे. शिकायत में सीडब्ल्यूसी ने लिखा है कि महिला को इलाज के लिये 22 जनवरी को सदर अस्पताल में भरती कराया था.
प्रेम विवाह के एक साल बाद पति ने ठुकराया तो युवती अपने एक माह के नवजात बच्ची के साथ परिजनों के पास पहुंची. अलग समुदाय में प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों ने भी उसे अपनाने से इनकार कर दिया. इससे बेबस उस युवती ने अपनी ममता का ख्याल भी नहीं रख पायी और बच्ची को रांची-दुमका इंटरसिटी एक्सप्रेस के बाथरूम में छोड़कर वह निकलने की फिराक में थी कि यात्रियों के प्रयास से मां-बेटी आरपीएफ के पास पहुंचा दी गयी. आरपीएफ के प्रयास से दोनों चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के पास पहुंची. इसके बाद उसे सदर अस्पताल में इलाज के लिये भरती करा दिया गया और सुरक्षा के लिये महिला थाना को निर्देश दिया गया था.

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