इसीएल चितरा के जीएम से शो-कॉज

कार्रवाई . चितरा में पेनाल्टी के बाद बगैर माइनिंग चालान के कोयले की ढुलाई... डीडीएम दुमका ने किया शो-कॉज चार करोड़ की पेनाल्टी के बाद चालान निर्गत पर लगी है रोक देवघर : खनन विभाग द्वारा कोयले की माइनिंग चालान देने पर रोक लगाये जाने के बाद भी इसीएल चितरा माइंस से जामताड़ा रेलवे साइडिंग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 14, 2018 5:31 AM

कार्रवाई . चितरा में पेनाल्टी के बाद बगैर माइनिंग चालान के कोयले की ढुलाई

डीडीएम दुमका ने किया शो-कॉज
चार करोड़ की पेनाल्टी के बाद चालान निर्गत पर लगी है रोक
देवघर : खनन विभाग द्वारा कोयले की माइनिंग चालान देने पर रोक लगाये जाने के बाद भी इसीएल चितरा माइंस से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयले की ढुलाई किये जाने के मामले में इसीएल चितरा के जीएम को शो-कॉज किया गया है. खनन विभाग के उपनिदेशक ने इसीएल चितरा के जीएम पीके सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है कि बगैर चालान के कोयले की ढुलाई रेलवे साइडिंग जामताड़ा तक क्यों की गयी तथा किस मापदंड के तहत कोयले की आपूर्ति शुरू की गयी. जबकि पेनाल्टी के बाद नये खनन व ढुलाई पर रोक है. 22 दिसंबर 2017 को ही पर्यावरण स्वीकृति के बगैर वर्ष 2001 से 2005 तक चितरा माइंस में काेयले का खनन करने के मामले में विभाग ने इसीएल को चार करोड़ की पेनाल्टी कर राशि जमा करने का निर्देश दिया है.
पेनाल्टी की राशि जमा नहीं किये जाने पर एक जनवरी से ही कोयला के नये खनन व ढुलाई पर रोक है. बावजूद इसीएल चितरा माइंस से रेलवे साइडिंग जामताड़ा तक कोयला भेजा जा रहा है. इसे लेकर उपनिदेशक द्वारा इसीएल के जीएम से शो-कॉज किया है.
– राजेश कुमार, खनन पदाधिकारी, देवघर
रोड सेल पर भी रोक
खनन विभाग ने पेनाल्टी जमा करने तक कोयले का नया खनन, रोड सेल व रेलवे साइडिंग पर भी ट्रांसपोर्टिंग पर रोक लगा दी है. इस रोक के बावजूद रोड सेल में इन दिनों बड़े पैमाने पर चितरा माइंस से ट्रकों के जरिये कोयला बाहर भेजा जा रहा है. प्रतिदिन दर्जनों ट्रक कोयले की ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है, इसमें कोई भी नया चालान खनन विभाग से निर्गत नहीं है. पुराने परमिट व चालान पर कोयले की ढुलाई तेजी से चल रही है.