वृहद जलापूर्ति योजना से 650 गांवों को होगी पानी सप्लाइ

चितरा: शहरों की तरह सारठ, पालोजोरी व करमाटांड़ प्रखंड के 594 गांवों को 650 करोड़ की लागत से बनने वाले वृहद जलापूर्ति योजना के तहत पानी दिया जाएगा. उक्त बातें कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने सहरजोरी स्थित आवास में प्रेस वार्ता के दौरान कही. कहा कि रघुवर सरकार गांव को शहरी सुविधाएं मुहैया कराने की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 6, 2017 12:26 PM
चितरा: शहरों की तरह सारठ, पालोजोरी व करमाटांड़ प्रखंड के 594 गांवों को 650 करोड़ की लागत से बनने वाले वृहद जलापूर्ति योजना के तहत पानी दिया जाएगा. उक्त बातें कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने सहरजोरी स्थित आवास में प्रेस वार्ता के दौरान कही. कहा कि रघुवर सरकार गांव को शहरी सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में काम कर रही है. इन गांवों को नल द्वारा पानी दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सारठ विधानसभा क्षेत्र में तीन बड़े ग्रामीण जलापूर्ति योजना के डीपीआर बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है. अजय बराज से 2020-21 तक पानी देने का काम शुरू हो जाएगा. आराजोरी व पथरड्डा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की शुरुआत हो चुकी है. अलगबरा का काम फाइनल हो चुका है. माथाटांड़, असनबनी व बारा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है. पंडुवा व बस्की जलापूर्ति योजना कैबिनेट में आने वाली है. ये सभी सारठ प्रखंड की है.
मंत्री ने कहा कि प्रखंड के जो गांव बच जायेंगे, उसे सारठ वृहद जलापूर्ति योजना में शामिल किया जाएगा. उसी तरह पालोजोरी प्रखंड के 824 गांवों को वृहद पालोजोरी जलापूर्ति योजना से पानी दिया जाएगा. डीपीआर बनने की प्रक्रिया जारी है. हर तीन पंचायत पर एक पानी टंकी बनाया जाएगा. एक बड़ा फिल्टरेशन प्लांट बनाया जाएगा.

यह 2020-21 तक धरातल पर उतरेगी. करमाटांड़ प्रखंड के 110 गांव सारठ विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं. इसके लिए करमाटांड़ वृहद जलापूर्ति योजना के तहत अजय बराज से पानी दिया जाएगा. डीपीआर बनाने का काम जारी है. वहीं पालोजोरी में बनने वाले पाॅलिटेक्निक कॉलेज की भी प्रशासनिक स्वीकृति हो गई है और 220 मेगावाट की क्षमता वाले सुपर पावरग्रिड बनने की दिशा में काम प्रारंभ हो गया है. कहा कि मधुपुर वाया सारठ देवघर एनएच का टेंडर कैंसिल हो गया था. पुनः टेंडर की प्रकिया चल रही है. सारठ से पालोजोरी रोड व चितरामोड़ से चितरा रोड की जल्द मरम्मत कराई जाएगी. 450 गांवों में विद्युतीकरण का कार्य जारी है. विधानसभा क्षेत्र में 11 हजार बिजली का तार बदलने के लिए 200 किलोमीटर बिजली का तार स्वीकृत कराया गया है.