लाखों खर्च, फिर भी सुरक्षा पर सवाल

नहीं है विकल्प . बिजली कटते ही सड़कों पर लगे सीसीटीवी हो जाते हैं बेकार केबल क्षतिग्रस्त होने की वजह से कई सीसीटीवी हैं बाधित सांसद निधि से 26.5 लाख की लागत से लगाये गये हैं सीसीटीवी देवघर : शहर में 26.5 लाख रुपये से 48 सीसीटीवी लगाये गये हैं. अपराध नियंत्रण के लिए लगाये […]

नहीं है विकल्प . बिजली कटते ही सड़कों पर लगे सीसीटीवी हो जाते हैं बेकार

केबल क्षतिग्रस्त होने की वजह से कई सीसीटीवी हैं बाधित
सांसद निधि से 26.5 लाख की लागत से लगाये गये हैं सीसीटीवी
देवघर : शहर में 26.5 लाख रुपये से 48 सीसीटीवी लगाये गये हैं. अपराध नियंत्रण के लिए लगाये गये सीसीटीवी संचालकों के ऑप्टिकल पर निर्भर हैं. जब भी किसी इलाके की बिजली गुल होती है, तो वहां लगे सीसीटीवी काम करने बंद कर देते हैं. अपराध नियंत्रण के लिए लगाये गये सीसीटीवी के लिए पावर लॉस बड़ी समस्या है. समस्या से निजात की विभाग के पास अपनी कोई व्यवस्था नहीं है. सीसीटीवी संचालन के लिए विभाग का अपना ऑप्टिकल फाइबर नहीं है. प्रभात खबर की टीम गुरुवार को सीसीआर कार्यालय पहुंची.
उस वक्त मॉनिटर पर 20 स्थानों पर ही सीसीटीवी नजर आ रहे थे. सीसीटीवी संचालित करने वाले इंजीनियर से हमने पूछा तो गोपनीयता की बात कहकर उन्होंने बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हर दिन एसपी व सीसीआर डीएसपी को रिपोर्ट भेजी जाती है. उन्होंने कहा कि मेंटेनेंस की वजह से कुछ जगह स्क्रीन पर नजर नहीं आ रहे हैं. एक-दो दिनों में सब कुछ ठीक हो जायेगा. सीसीटीवी में माह भर का बैकअप मिलता है. पुलिस कभी भी एक माह का बैकअप ले सकती है. सीसीटीवी की मदद से कई आपराधिक कांडों के खुलासे हुए हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >