मोहनपुर: अंचल क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्र निर्गत करने का काम बंद है. इससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. छात्र नामांकन के लिए फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं. मोहनपुर अंचल में इन दिनों 25 दिनों से राजस्व कर्मचारी के आइडी में 300, सीआइ के आईडी में 350 व सीओ के आइडी में 400 आवेदन पेंडिंग हैं. जबकि झारखंड में राइट टु सर्विस एक्ट के तहत 30 दिनों के अंदर प्रमाण पत्र निर्गत करना है. बताया जाता है कि वर्तमान सीओ द्वारा सभी आवेदनों पर मैनुअल हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिया गया है. इससे पूर्व दिये गये आवेदनों को वापस कर दिया जा रहा है.
सीओ के निर्देशानुसार आवेदक के वंशावली में मुखिया या ग्राम प्रधान से सत्यापन कर हल्का कर्मचारी, सीआइ का मैनुअल हस्ताक्षर के बाद प्रज्ञा केंद्रों में जमा करना है. इस मैनुअल प्रक्रिया की वजह से कई छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में फॉर्म नहीं जमा कर पा रहे हैं.
बांक पंचायत के घोरमारा गांव के नवल किशोर मंडल, दिव्या भारती, चंद्रशेखर, सागर कुमार, नेहा कुमारी व करिश्मा कुमारी ने एक माह पूर्व जाति व आवासीय प्रमाण पत्र के लिए प्रज्ञा केंद्र में आवेदन दिया है, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र नहीं बना है. उक्त छात्रों को कॉलेज में नामांकन कराना है.
कहते हैं संचालक
नया चितकाठ पंचायत के प्रज्ञा केंद्र के संचालक रामरेख यादव ने बाताया कि प्रमाण पत्र निर्गत नहीं से छात्रों के आक्रोश का कोप भाजन बनना पड़ रहा है, इस जटिल प्रक्रिया को पूर्व की तरह ही अंचल द्वारा कर दिये जाने से जज्ल प्रमाण पत्र बन सकता है. इधर मजदूर नेता नवलकिशोर मंडल ने कहा कि अगर तीन दिनों के अंदर प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया तो छात्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे.
