सारठ : सरकार का हर व्यक्ति को शुद्व पेयजल उपलब्ध कराने का दावा केवल सरकारी फाइलो मे ही सिमट कर रह गया है. इसका उदाहारण सारठ मे एक करोड़ की लागत से बनी जलमीनार है. बताया कि विभागीय अदूरदर्शिता के कारण सारठ की पेयजलापूर्ति योजना बाधित है. जिससे उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है.
उपभोक्ताओं की माने तो विभाग कहता है कि उसका काम जलमीनार बना कर घर-घर पानी के लिए कनेक्शन कर देना है. उसके रख रखाव की जवाबदेही ग्राम स्तर पर पेयजल आपूर्ति समिति की है. परंतु सारठ में बनी इस समिति के निष्क्रिय हो जाने के कारण लगातार इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. वहीं विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पानी आपर्ति की जवाबदेह समिति की है न कि विभाग की. वहीं बताया गया कि सारठ में लगभग तीन सौ उपभोक्ताओं को पानी का कनेक्शन दिया गया है.
पेयजलापूर्ति बाधित होने की उपभोक्ताओं की शिकायत पर मुखिया से लेकर मंत्री तक से गुहार लगायी गयी, लेकिन वे गंभीर नहीं हैं. जिससे लोगों में असंतोष गहराता जा रहा है.
