अनियमितता: मुख्यमंत्री जी! देखिये योजनाओं का हाल, बनते ही दरक गयी करोड़ों की सड़क

मधुपुर: किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़क का बहुत बड़ा योगदान है. सड़कें बनती हैं तो आवागमन सुलभ होता है. आवागमन सुलभ होने से रोजगार के साधन बढ़ जाते हैं. शिक्षा के लिए स्कूल-कॉलेजों तक जाने के लिए रास्ता तैयार हो जाता है. इलाज के लिए शहर जाने में सुविधा मिलती है. यही वजह […]

मधुपुर: किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़क का बहुत बड़ा योगदान है. सड़कें बनती हैं तो आवागमन सुलभ होता है. आवागमन सुलभ होने से रोजगार के साधन बढ़ जाते हैं. शिक्षा के लिए स्कूल-कॉलेजों तक जाने के लिए रास्ता तैयार हो जाता है. इलाज के लिए शहर जाने में सुविधा मिलती है. यही वजह है कि सरकार सड़क निर्माण पर करोड़ों खर्च कर रही है.

लेकिन व्यवस्था की अनदेखी, संवेदक की लापरवाही व पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण कई सड़कों का बुरा हाल है. लोहढाजोर में पतरो नदी पर बने उच्च स्तरीय पुल के एप्रोच पथ बने महीना भी नहीं बिता है लेकिन सड़क में जगह-जगह दरार नजर आने लगा है.

पैदल चलने वाले व दो पहिया सवार भी दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. लोग इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. बताया जाता है कि वर्ष 2015 में लोहढाजोर नदी घाट में उच्च स्तरीय पुल का काम प्रारंभ हुआ था. करौं प्रखंड के ढीबा से करौं तक करोड़ाें की लागत से आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया गया. निर्माण के चार माह बाद ही सिंहपुर के पास आधा किलोमीटर तक सड़क में दरार आ गया है.

दशरथ सिंह, अर्जुन सिंह, जीतनी सिंह, मिठु सिंह, सुबल सिंह, किशोर सिंह, हेमंत सिंह, शंकर महरा, आनंद सिंह, पवन बाउरी, हीरा लाल मंडल आदि ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के बाद से ही सड़क में दरार है. कभी भी कोई दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा प्राक्कलन की अनदेखी कर सड़क निर्माण किया गया है. इसकी जांच कर उपायुक्त से उचित जांच कराने की मांग की है.

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