देवघर: रेलवे जसीडीह जंक्शन स्टेशन के पास ‘वाशिंग पिट’, ‘कोचिंग काॅम्प्लेक्स’ व स्टेशन के दक्षिण साइड दूसरा प्रवेश द्वार बनाने को तैयार है. इसके लिए आसनसोल रेल डिवीजन ने झारखंड सरकार से 17 एकड़ जमीन मांगी है. आसनसोल रेल डिवीजन के सीनियर डिविजनल इंजीनियर ने देवघर डीसी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. रेलवे अधिकारी ने कहा है कि तीनों ही योजनाओं का काम खाका तैयार है. जमीन मिलते ही रेलवे इस पर काम शुरू कर देगा.
खुल सकेगी लंबी दूरी की ट्रेनें : वाशिंग पिट, कोचिंग काॅम्प्लेक्स और दूसरा प्रवेश द्वार बन जाने के बाद जसीडीह जंक्शन बड़ा स्वरूप लेगा. तब देवघर से भी ट्रेन खुलने का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा. क्योंकि अभी देवघर स्टेशन से मात्र एक एक्सप्रेस ट्रेन खुलती है. कुछ इएमयू ट्रेने हैं, लेकिन उनकी भी सफाई की व्यवस्था यहां नहीं है. वाशिंग पिट व कोचिंग कांप्लेक्स के लिए रेलवे को 10 एकड़ और दूसरे प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए लगभग सात एकड़ जमीन की जरूरत है.
जसीडीह स्टेशन में दूसरे प्रवेश द्वार की है मांग : संताल परगना का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला जसीडीह काफी भीड़ वाला स्टेशन है. इस स्टेशन से सिर्फ सावन और भादो दो महीने में तकरीबन 50 लाख और साल भर में पांच करोड़ से अधिक लोगों का आवागमन होता है. हावड़ा-पटना मेन लाइन का यह महत्वपूर्ण स्टेशन है. सावन की भीड़ के दौरान ट्रेनों में चढ़ने-उतरने और स्टेशन से निकलने पर परिवहन की गंभीर समस्या आती है. इसलिए जसीडीह स्टेशन पर दूसरा प्रवेश द्वार समय की मांग है.
बहुत दिनों से जसीडीह स्टेशन पर दूसरा प्रवेश द्वार, वाशिंग पिट व कोचिंग काॅम्प्लेक्स के लिए प्रयासरत हूं. ये तीनों चीजें जसीडीह में बन जायेंगी तो जसीडीह से ही ट्रेन खुलने का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा. इससे रोजगार के साधन भी विकसित होंगे. झारखंड सरकार को चाहिए कि जमीन अविलंब मुहैया करा दे ताकि तीनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके.
-निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा लोकसभा
