जंगल है या पावर सबस्टेशन!

सारवां: सारवां प्रखंड मुख्यालय प्रांगण स्थित बिजली विभाग का पावर सब स्टेशन अब किसी जंगल से कम नहीं लगता है. सारवां व सोनारायठाढ़ी प्रखंड की 1.70 लाख की आबादी इसी पावर सब स्टेशन पर निर्भर है. यहां देवघर डाबर ग्राम विद्युत ग्रिड से सीधा 33 हजार केवीए उच्च वोल्टेज लाइन आयी है. इसी पावर सबस्टेशन […]

सारवां: सारवां प्रखंड मुख्यालय प्रांगण स्थित बिजली विभाग का पावर सब स्टेशन अब किसी जंगल से कम नहीं लगता है. सारवां व सोनारायठाढ़ी प्रखंड की 1.70 लाख की आबादी इसी पावर सब स्टेशन पर निर्भर है.

यहां देवघर डाबर ग्राम विद्युत ग्रिड से सीधा 33 हजार केवीए उच्च वोल्टेज लाइन आयी है. इसी पावर सबस्टेशन से सारठ व सोनारायठाढी प्रखंड को 33 हजार केवीए लाइन व सारवां के 200 गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है.

लाखों खर्च कर बनाये गये इस पावर स्टेशन में साफ-सफाई का नामो-निशान नहीं है. जिस कारण यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां व शीशम के पेड़ उग आये हैं. पेड़ इतने बड़े हो चुके हैं कि आंधी में तारों के संपर्क में आ जाता है आैर अक्सर बिजली ट्रीपिंग होती रहती है. झाड़ियों के कारण सबस्टेशन में तैनात कर्मियों को विषैले जीवों का खतरा सताता रहता है. लेकिन साफ-सफाई के लिए विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की गयी है.

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