पड़ताल: आधे से अधिक वार्ड क्षेत्र में पेयजलापूर्ति नहीं, वार्ड 29 में पेयजल की बड़ी समस्या

देवघर : वार्ड 29 की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. वार्ड क्षेत्र के 90 फीसदी इलाके में पाइप लाइन बिछा हुआ है, लेकिन आधे से अधिक क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं होती है. इस कारण मुहल्लों में जल संकट से लोग जूझ रहे हैं. राममंदिर रोड, डोमासी, माथाबांध, डीएल स्प्रिंग गली, गोस्टू बिहारी लेन, जूनबांध […]

देवघर : वार्ड 29 की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. वार्ड क्षेत्र के 90 फीसदी इलाके में पाइप लाइन बिछा हुआ है, लेकिन आधे से अधिक क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं होती है. इस कारण मुहल्लों में जल संकट से लोग जूझ रहे हैं. राममंदिर रोड, डोमासी, माथाबांध, डीएल स्प्रिंग गली, गोस्टू बिहारी लेन, जूनबांध का आंशिक क्षेत्र आदि को मिलाकर वार्ड नंबर 29 का गठन किया गया है.

निगम के गठन हुए सात साल व निगम के दूसरे कार्यकाल का चुनाव हुए दो साल बित गये हैं, लेकिन वार्ड में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. वार्ड के करीब 20 फीसदी इलाके में अब भी रोड का निर्माण नहीं हुआ है. वहीं जल संकट की वजह से लोगों में पार्षद के प्रति भारी नाराजगी है. इसके अलावा क्षेत्र में अधिकतर जगहों पर स्ट्रीट लाइट नहीं जलता है, इससे लोगों को काफी परेशानी हाेती है.

वार्ड पार्षद ने कहा

क्षेत्र के विकास के लिए दिन-रात चिंतन करती रहती हूं. दो साल में अब तक छह रोड, पांच नाला व पांच चापानल लगवा चुके हैं. जलापूर्ति की स्थित ठीक नहीं होने की वजह से हर दिन टैंकर से पानी का वितरण जारी है. 90 लाख का रोड का टेंडर हाे चुका है. इसके अलावा 14वें वित्त आयोग से एक करोड़ व जिला योजना समिति से 50 लाख का काम टेेंडर प्रक्रिया में है.

रीना केशरी, पार्षद, वार्ड नंबर 29

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