कहा कि सरकार सीएमपीएफ को इपीएफ में तब्दील करना चाहती है. अगर ऐसा हुआ तो मजदूरों के बहुत ज्यादा नुकसान होगा. साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पारित किये जाने के बावजूद कोल इंडिया में काम करने वाले असंगठित ठेका मजदूरों को समान काम के बदले समान वेतन नहीं मिल रहा है. यह भी कहा कि नौवें वेतन समझौते का एक साल बीत जाने के बाद भी 10 वां वेतन समझौता नहीं किया जा रहा है. इससे भी मजदूरोें को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
मजदूरों की मांगों के प्रति सरकार गंभीर नहीं
चितरा: आगामी 19 से 21 जून तक होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोरचा ने चितरा अतिथिशाला में बैठक की. इसमें मोरचा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस मौके पर सीएमएसआइ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सुजीत भट्टाचार्य ने कहा कि मजदूरों की मांगों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है. जिसके […]

चितरा: आगामी 19 से 21 जून तक होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोरचा ने चितरा अतिथिशाला में बैठक की. इसमें मोरचा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस मौके पर सीएमएसआइ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सुजीत भट्टाचार्य ने कहा कि मजदूरों की मांगों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है. जिसके चलते कोयला मजदूरों को विवश होकर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है.
कहा कि अगर सरकार मजदूरों के हित में फैसला नहीं लेती है तो भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा. वहीं दूसरी ओर मोरचा के पशुपति कोल, योगेश राय, युधिष्ठिर सिंह यादव, राजेश राय, केशव नारायण सिंह, रामदेव सिंह, पूरण सिंह, दिनेश कुमार महतो, शिव चरण टुडू समेत अन्य ने बैठक कर हड़ताल को सफल बनाने पर विचार- विमर्श किया.
गुटबंदी का खामियाजा भुगत रहे मजदूर : मनोज
एनसीडब्लूसी के सचिव मनोज तिवारी ने कहा कि वर्तमान जेबीसीसीआइ सदस्य, यूनियन में गुटबाजी व आपसी तालमेल का अभाव रहने का खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है. इसका सीधा लाभ कोल इंडिया को मिल रहा है. आज देश को जॉर्ज फर्नांडिस जैसे मजदूर नेता की जरूरत है. साथ ही कहा कि यदि मजदूर हित में हड़ताल होती है तो उनका यूनियन भी इसमें शामिल होगा. कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस के अध्यक्ष यदुनंदन भोक्ता व सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि कोयला मजदूरों से वार्ता की जा रही है. अगर मजदूर हित में हड़ताल हुई तो उनका यूनियन भी इसमें शामिल होगा.