गैर शैक्षणिक कार्य करते पाये जाने पर शिक्षकों के विरूद्ध होगी कार्रवाई
हाइस्कूलों में बेहतर पठन-पाठन के लिए होगी 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति
विभाग के टॉल फ्री नंबर पर शिकायत व दे सकते हैं सुझाव
देवघर : सूबे की शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने कहा कि विभाग की गलती की वजह से मैट्रिक व इंटरमीडिएट का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करना पड़ा. मैट्रिक व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम एक बार जारी होता तो स्थिति कुछ और होती. रिमोट एरिया का रिजल्ट उत्साहबर्द्धक है. बावजूद कुछ कमियों की वजह से रिजल्ट खराब हुआ है. सोमवार को दुमका में संताल परगना प्रमंडलस्तरीय समीक्षा की जायेगी. पिछले तीन वर्षों के रिजल्ट में कैसे उतार-चढ़ाव हुआ है.
इसकी समीक्षा की जायेगी. वर्तमान हालात में हमें लगता है कि सुधार की और आवश्यकता है. हाइस्कूलों में प्रधानाध्यापकों की कमियों को जल्द दूर किया जायेगा. साथ ही शिक्षकों की कमियों को दूर करने के लिए जल्द ही 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी. शिक्षा मंत्री दुमका जाने के क्रम में देवघर सर्किट हाउस ठहरी हुई थीं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राइमरी शिक्षक नियुक्ति में जहां कहीं फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. कार्रवाई की जा रही है. इस बार के टेट परीक्षा में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी गयी है. एक से दसवीं तक में भाषा प्रधान होता है. प्लस टू में संकाय अलग होने के कारण कॉमर्स व साइंस की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की आवश्यकता होती है. पूर्व के गलतियों को दूर करने के लिए नियमों में संशोधन किया जायेगा. अब शिक्षक के चयन के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया जायेगा.
दुमका में प्रमंडलस्तरीय समीक्षा बैठक आज, तीन वर्षों के रिजल्ट के उतार-चढ़ाव की होगी समीक्षा
रूसा के तहत कॉलेज में शुरू है पढ़ाई
कॉलेजों में बेहतर पठन-पाठन के लिए रूसा के तहत राशि दी गयी है. इसका उपयोग कॉलेजाें में हो रहा है. शिक्षकों की कमी है. इसे भी जल्द दूर किया जायेगा. आवश्यकता अनुसार कॉलेजों में दो पाली में पढ़ाई सुनिश्चित करायी जा रही है. कॉलेजों में बेहतर पढ़ाई के लिए प्राध्यापकों की कमियों को भी दूर किया जायेगा.
कृषि अवकाश को खत्म करने पर होगा विचार
देवघर के प्राइमरी स्कूलों में कृषि अवकाश होने का मामला संज्ञान में नहीं है. गरमी छुट्टी की जगह यहां कृषि अवकाश स्कूलों में दिया जा रहा है. इस पर जल्द ही राय शुमारी कर विचार-विमर्श किया जायेगा. ताकि गरमी की छुट्टी के मामले में पूरे राज्य में एकरूपता बनी रहे.
गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त रखा गया है शिक्षकों को : सरकारी शिक्षकों को सिर्फ पठन-पाठन कराने का निर्देश है. शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से पूरी तरह से मुक्त रखा गया है. बावजूद अगर कोई शिक्षक चावल उठाव, सिविल वर्क करते पाये गये तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी. विभागीय स्तर पर शिकायत एकत्रित करने के लिए टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है. इसके अलावा मुख्यालय में शिकायत व सुझाव पेटी भी लगाया है. शिकायतकर्ता चाहे तो उनका नाम गुप्त भी रखा जाता है.
