मधुपुर : ईद पर्व को लेकर बाजार सजने लगा है. शहर की विभिन्न सडकों पर स्थित दुकानों में लच्छा, इतर, सुरमा, टोपी, सेवई आदि की दर्जनों दुकानें लगने लगी हैं. ईद को लेकर कपड़े के मॉल व दुकानों में भी जमकर खरीदारी चल रही है. पर्व को लेकर बाजार में रौनक बढ गयी है. मुसलिम […]
मधुपुर : ईद पर्व को लेकर बाजार सजने लगा है. शहर की विभिन्न सडकों पर स्थित दुकानों में लच्छा, इतर, सुरमा, टोपी, सेवई आदि की दर्जनों दुकानें लगने लगी हैं. ईद को लेकर कपड़े के मॉल व दुकानों में भी जमकर खरीदारी चल रही है. पर्व को लेकर बाजार में रौनक बढ गयी है. मुसलिम भाइयों के लिए रमजान-ए-मुबारक इस्लामिक साल का सबसे अव्वल दर्जे का महीना माना जाता है.
इस पाक और खास अहमियत रखने वाले रमजान के महीने में रोजा रखने व इबादत करने वालों के लिए अल्लाह ताला जन्नत का दरवाजा खोल देते हैं. इस दिन पाक परवरदिगार यानी खुदा सबकी गुनाहों को भी माफ कर देतें हैं. अल्लाह ने फरमाया कि रोजा मेरे लिए है और इसका बदला मैं खुद बंदों को दूंगा. रमजानुल मोबारक पूरे माह इबादत करने का महीना माना जाता है. माह-ए-रमजान में नन्हें रोजेदारों के लिए खुदा-ए-पाक जन्नत का दरवाजा खोल देतें हैं.
इन बच्चों ने रखा है रोजा
नन्हें रोजेदार अमन ने बताया कि रोजा रखना फर्ज है. प्रत्येक रविवार को रोजा रखता हूं.
नन्हीं रोजेदार आकाशा ने बताया कि रोजा रखने में बेहद खुशी हो रही है. रोजा रखने से अल्लाह खुश होगा.
नन्हा रोजेदार शाबान ने बताया कि रमजान रोजा रख कर अच्छा लगता है. इफ्तार और सेहरी करने में अच्छा लगता है.
नन्ही रोजेदार नुरैन ने बताया कि रोजा हमलोगों को रखना चाहिए. रोजा रख कर झूठ नहीं बोलना चाहिए. रमजान के बाद ईद में और भी मजा आयेगा.