ला-ओपाला के मजदूरों ने की आम सभा व धरना-प्रदर्शन, कहा
ला-आेपाला कारखाना बंद होने का सबसे बड़ा असर मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है. मजदूरों ने आमसभा व धरना-प्रदर्शन कर तीन सूत्री प्रस्ताव पारित किया.
मधुपुर : गडिया स्थित ला-ओपाला ग्लास कारखाना के समक्ष ऑपल क्रिस्टल कामगार समूह के बैनर तले शनिवार को आमसभा का आयोजन किया गया. सभा की अध्यक्षता समूह के संयोजक आबु तालिब अंसारी ने किया. उन्होंने कहा कि मधुपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों ने मजदूरों का पक्ष सुने बगैर ही एक पक्षीय बयान दिया है.
मजदूरों का दर्द समझे बिना कोई भी बयानबाजी बेईमानी है. काम की प्रकृति के अनुसार अतिरिक्त डेढ़ से दो घंटे काम मजदूरों के बस के बाहर है. सोची-समझी साजिश के तहत कारखाना को बंद कराया है. पूर्व प्रमुख सुबल प्रसाद सिंह ने कहा कि कारखाना प्रबंधन व मजदूरों के बीच सेतु बनकर कारखाना को चालु कराया जायेगा. ताकि मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न न हो.
वर्षों पूर्व भी पथलचपटी स्थित बैद्यनाथ ग्लास कारखाना बंद करने वाले लोगों से ला-ओपाला प्रबंधन को होशियार रहना चाहिए, ताकि यह कारखाना रसातल में न जा सके.
मौके पर मनोज सिंह, अंसार अली, शुभान, जमील, राजु शर्मा, अनिल सिंह, शाहीद, आबिद, विष्णु तिवारी, मनीर, खुर्शीद, रंजीत मंडल, ताहीर, असलम, नगदी दास, रमेश यादव आदि मौजूद थे.
प्रबंधन को सलाह: कारखाना बंद कराने वालों से बचें
मधुपुर चैंबर्स ऑफ काॅमर्स पर लगाया एक पक्षीय बयान देने का आरोप
कहा मजदूरों का दर्द समझे बिना कोई भी बयानबाजी बेईमानी
पूर्व प्रमुख ने ला-ओपाला प्रबंधन से कहा, कारखाना बंद कराने वालों से होशियार रहे प्रबंधन
मधुपुर की पहचान है ला-ओपाला प्रबंधन, रसातल में जाने से बचाएं
तीन प्रस्ताव पारित
समिति द्वारा तीन प्रस्ताव पारित किया गया. जिसमें 15 जून तक कमाया हुआ बोनस भुगतान करने, 15-17 तक असंवैधानिक कार्य बंदी को वापस लेकर पूर्व की भांति कारखाना चालू करने, समूह के बैनर तले फर्निश कामगार से वार्ता कर काम चालू करें.
