टंडवा. आम्रपाली कोल परियोजना में 13 मिलियन टन कोयला खनन का टेंडर लेकर आयी कंपनी की मुश्किलें बढ़ गयी है. मजदूरों व ग्रामीणों ने खनन कार्य को लेकर भूमि पूजन कराने जा रही कंपनी की मशीनों को रोक दिया और अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गये. इस दौरान जमकर नारेबाजी की. मजदूरों का कहना था कि पूर्व से अंबे कंपनी ज्वाइंट वेंचर में 650 वर्कर कार्यरत थे. अंबे कंपनी का कोयला खनन का टेंडर समाप्त होने के बाद कोयला खनन का कार्य वर्तमान में बीएलए कंपनी को मिला है. इधर, कंपनी में काम कर रहे वर्करों पर पूर्व की कंपनी ने 15 सितंबर से नो वर्क नो पे लगा दिया है, जिससे सभी बेरोजगार हो गये हैं. इधर कोर्ट से बीएलए के पक्ष में कार्य करने का फैसला आने के बाद कंपनी सोमवार को अपना कार्य शुरू करने को लेकर भूमि पूजन करने मशीन लेकर खनन क्षेत्र में जा रही थी. जैसे ही वर्करों को इसकी सूचना मिली, वे कोल माइंस पहुंचे और 14 नंबर कांटा के समीप मशीनों को रोक दिया. ग्रामीण व मजदूर वार्ता करने के बाद ही काम शुरू करने की मांग पर अड़ गये. सीसीएल से पर्सनल मैनेजर आलोक रंजन व बीएलए कंपनी से संतोष सिंह मजदूरों से वार्ता करने धरनास्थल पर पहुंचे. संतोष सिंह ने तत्काल 79 लोगों को काम पर रखने का प्रस्ताव रखा. बाद में कार्य विस्तार के बाद कुछ अन्य लोगों को काम पर रखने की बात कही. इस प्रस्ताव को लेकर लोगों ने मानने से इनकार कर दिया. सभी को एक साथ समायोजन व बेरोजगार ग्रामीणों को काम पर रखने के बाद ही कार्य शुरू करने की सहमति देने की बात कही.
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