लावालौंग से पांकी तक गड्ढों में तब्दील है सड़क

लावालौंग-पांकी मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है. लोगों को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

लावालौंग. लावालौंग-पांकी मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है. लोगों को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यह पथ चतरा को पलामू से कम दूरी से जोड़ता है. प्रखंड के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगो को प्रखंड मुख्यालय आने-जाने में परेशानी होती है. करीब 25 हजार लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. सड़क बनाने की मांग दो दशक पूर्व से की जा रही है, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी. वन्य प्राणी अश्रायणी क्षेत्र होने के कारण सड़क बनाने के लिए एनओसी नहीं मिल रहा है. कई बार सड़क का टेंडर भी हुआ, लेकिन एनओसी नहीं मिलने के कारण सड़क नहीं बनायी जा सकी. लावालौंग से पांकी की दूरी 35 किमी दूरी है. प्रखंड के अधिकांश लोग डालटेनगंज जाकर आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करते हैं. मंधनिया, रिमी, रामपुर पंचायत के स्कूली बच्चे इंटर की पढ़ाई करने लावालौंग आते हैं. उन्हें काफी दिक्कत होती है. बारिश के दिनों में सड़क पर बने गड्ढो में पानी भर जाता है. बाइक सवार गड्ढे में गिर कर घायल हो रहे है. कुछ दिन पूर्व वन विभाग की ओर से गड्ढों में मिट्टी भरा गया था. इससे स्थिति और अधिक खराब हो गयी. इन गांवों के लोग हैं प्रभावित: लावालौंग के हुटरू, मंधनिया, टिकुलिया, टिकदा, सेहदा, रिमी, रामपुर, कोटारी, चानो, हरनाही, होसिल, पसांगम, झरदाग, गड़यानी, खापर महुआ समेत कई गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. सड़क खराब होने के कारण वाहन चालक गांव तक जाने से कतराते हैं. वर्जन:::: सड़क बनाने की मांग 20 वर्षो से की जा रही है, लेकिन सांसद-विधायक ने कभी गंभीरता नहीं बरती. सड़क को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन हुआ. आश्वासन भी दिया गया, लेकन कुछ नहीं हुआ. भोला राम, मुखिया प्रतिनिधि ———– सड़क पर इतना गड्ढा है कि यहां पैदल चलना मुश्किल है. कुछ दिन पूर्व वन विभाग की ओर से गड्ढों में मिट्टी भरा गया, जिससे स्थिति नारकीय हो गयी है. यहां देखनेवाला कोई नहीं है. याकूब खान, ग्रामीण

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By ANUJ SINGH

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