सावित्रीबाई फुले की जयंती मनायी गयी

सावित्रीबाई फुले ने बालिका शिक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया

सावित्रीबाई फुले ने बालिका शिक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया कान्हाचट्टी. प्रखंड में कई जगहों पर शनिवार को सावित्रीबाई फुले की जयंती मनायी गयी. भारत मुक्ति मोर्चा के बैनर तले उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रोफेसर श्याम सुंदर प्रसाद दांगी ने की. इस मौके पर प्रो दांगी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने बालिका शिक्षा व दलित समाज के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया. उनके विचार आज भी समाज को समानता व शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. शिक्षक फुलेश्वर सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने पहली बार लड़कियों के लिए स्कूल की स्थापना की थीं. मौके पर करण दास, नेमधारी यादव, कारू भुईयां, रमेश सिंह खरवार, अरूण कुमार, हेमराज ठाकुर, सीताराम यादव, अजय दास, सकेंदर खरवार, मनीष कुमार समेत अन्य उपस्थित थे. इसके अलावा जशपुर के मौथारा चौक पर पर भी सावित्रीबाई फुले की जयंती मनायी गयी.

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By DEEPESH KUMAR

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