जिले में उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया गया सरहुल

सरहुल प्रकति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने का प्रेरणा देता है : डीडीसी

सरहुल मुख्य खबर सी: ओके: सरहुल प्रकति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने का प्रेरणा देता है : डीडीसी

चतरा. जिले में प्रकृति पर्व सरहुल हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. पकरिया स्थित सरना टाेंगारी में केंद्रीय सरना समिति द्वारा पूजा-अर्चना की गयी. पाहन कृष्णा केरकेटा व उप पाहन उमेश कच्छप ने पूजा-अर्चना की. पूजा कर अच्छी बारिश की कामना की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीडीसी अमरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता, पूर्व प्रत्याशी रश्मि प्रकाश, एसपी सुमित अग्रवाल शामिल थे. पूजा-अर्चना के बाद गाजे बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा मुख्य डाकघर, अव्वल मोहल्ला, गुदरी बाजार, केसरी चौक, मेन रोड, पुराना पेट्रोल पंप, मारवाड़ी मुहल्ला होती हुई गर्ल्स हाई स्कूल पहुंची. शोभायात्रा में शामिल लोग मांदर की थाप पर थिरकते रहे. इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीडीसी ने कहा कि सरहुल हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है. इसे सहेज कर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. सरहुल सीधे तौर पर प्रकृति से जोड़ता है. आदिवासी समाज अनंत काल से प्रकृति पूजक रहा है और पयार्वरण संरक्षण का संदेश देता रहा है. यह पर्व झारखंड, बिहार, ओड़िशा, बंगाल में भव्य तरीके से मनाया जाता है. पूर्व मंत्री ने कहा कि सरहुल प्रकृति पर्व है. यह सामाजिक समरस्ता का भी प्रतीक है. सरहुल प्रकृति की रक्षा करने का संदेश देता है. पूर्वज जंगल व पहाड़ों में रहकर जंगल की रक्षा करते आ रहे हैं. शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. मौके पर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष महेश बांडों, उपाध्यक्ष अनिल मिंज, सुरेश उरांव, मादी उरांव, देवचरण दांगी, लक्ष्मीकांत शुक्ला, हरिनाथ महताे, अनिल कुमार, थाना प्रभारी अवधेश सिंह समेत कई लोग मौजूद थे.

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Published by: Deepesh kumar

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