गिद्धौर. थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है. प्रतिदिन नदियों से अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर ढुलाई की जा रही है. इससे एक ओर तस्कर मालामाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार को लाखों रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा है. बालू के लगातार उठाव से नदियों का अस्तित्व भी खतरे में है. बलबल, तरी घटेरी, पेक्सा, बड़की नदी, मारंगी नदी, खलारी नदी समेत अन्य नदियों से अवैध रूप से बालू का उठाव जारी है. मारंगी नदी से शाम होते ही ट्रैक्टर में बालू का उठाव शुरू हो जाता है. यहां से बालू का उठाव कर घर परिसर व आसपास इसका भंडारण किया जाता है. यहां से अहले सुबह करीब तीन बजे गिद्धौर प्रखंड कार्यालय के समीप से, थाना के आसपास से होते हुए पांडेबागी गांव के रास्ते बालू की ढुलाई होती है. प्रखंड प्रशासन द्वारा कभी कभार बलबल, तरी घटेरी नदी से एक-दो बालू लदा ट्रैक्टर पकड़ कर सिर्फ खानापूरी की जा रही है. नियमित रूप से कार्रवाई नहीं होने से बालू माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है. सरकारी कार्यालय के समीप से गुजर रहे अवैध रूप से बालू लोड ट्रैक्टरों को पकड़ने में विभाग नाकाम रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
