राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द करने के विरोध में आक्रोश रैली

रैली पोस्ट ऑफिस स्थित आंबेडकर चौक से निकाली गयी, जो गुदरी बाजार, केसरी चौक, जतराहीबाग होती हुई समाहरणालय पहुंच कर रैली धरना में तब्दील हो गयी.

: सरकार के खिलाफ जम कर की गयी नारेबाजी चतरा. भारतीय संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए बामसेफ व भारत मुक्ति मोर्चा के 42वें राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द किये जाने के विरोध में रैली निकाली गयी. रैली पोस्ट ऑफिस स्थित आंबेडकर चौक से निकाली गयी, जो गुदरी बाजार, केसरी चौक, जतराहीबाग होती हुई समाहरणालय पहुंच कर रैली धरना में तब्दील हो गयी. इस दौरान केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गयी. कार्यक्रम का नेतृत्व बीएमएम के जिलाध्यक्ष राजेश रवि व बीवीएम के राज्य प्रभारी अशोक रजक ने संयुक्त रूप से किया. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. इस मौके पर राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन ओड़िशा के कटक में होने वाला था. इसकी अनुमति भी मिल गयी थी, लेकिन अधिवेशन के एक दिन पूर्व अनुमति रद्द कर दी गयी, जिसमें केंद्र सरकार व आरएसएस के लोगों का षड़यंत्र है. संविधान पर हो रहे हमलों के विरोध में आरएसएस मुख्यालय, नागपुर (महाराष्ट्र) में 22 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी विशाल महारैली में शामिल होने की अपील की गयी. मौके पर किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रामभरोस यादव, खेमन राम, धनेश्वर यादव, रवींद्र यादव, नागेश्वर दांगी, नागेश्वर साव, हिमांशु भारती, प्रदीप आंबेडकर, पंकज पासवान, मो अहसान अंसारी, कामुद्दीन अंसारी समेत कई शामिल थे.

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By DEEPESH KUMAR

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