कुम्हार समाज को अच्छे कारोबार की उम्मीद

दीपावली का त्योहार आते ही इटखोरी समेत आसपास के इलाके में कुम्हारों के चाक घुमने लगे हैं.

इटखोरी. दीपावली का त्योहार आते ही इटखोरी समेत आसपास के इलाके में कुम्हारों के चाक घुमने लगे हैं. कारीगर अपने रोजी-रोटी की जुगाड़ में अभी से लग चुके हैं, ताकि उनके बच्चों की दीपावली भी ठीक से मने. कुम्हार इन दिनों पूरे परिवार के साथ मिट्टी के दीये व कलश समेत मिट्टी के खिलौने बनाने में लग चुके हैं. स्थानीय कैलाश प्रजापति ने कहा कि इस साल वह सात हजार दीया बना रहे हैं. आधुनिक युग के कारण हालांकि उनका कारोबार प्रभावित हुआ है, लेकिन उन्हें इस दीपावली अच्छे कारोबार की उम्मीद है. पूजा सामग्रियों के दुकानदार दीयों के साथ-साथ मिट्टी का कलश व ढक्कन भी बेचते हैं. कई लोग मोमबत्ती का इस्तेमाल करने लगे हैं. तेल की कीमत बढ़ने के कारण भी मिट्टी के दीयों की बिक्री कम हुई है.

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By ANUJ SINGH

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