इटखोरी से विजय शर्मा की रिपोर्ट
इटखोरी : चतरा जिले के इटखोरी स्थित सेफजोन अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह परोका गांव निवासी अशोक रविदास (52) की मौत हो गयी. मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल संचालक मोहम्मद रियाज, उनके पुत्र मोहम्मद शाहबाक, डॉक्टर कुदुस और एक एनएम को हिरासत में लिया है। घटना मंगलवार सुबह करीब आठ बजे की है.
देर रात गले और छाती में जलन की शिकायत पर कराया था भर्ती
मृतक की पत्नी फोटो देवी और भाई उदय रविदास ने बताया कि अशोक को सोमवार देर रात करीब 12 बजे गला और छाती में जलन की शिकायत के बाद सेफजोन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. उन्होंने डॉक्टर से मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने का आग्रह किया, लेकिन डॉक्टर ने स्थिति ठीक होने की बात कहते हुए इलाज जारी रखा.
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इंजेक्शन देने के बाद मौत का परिजनों ने लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की सलाह पर एनएम ने अशोक को इंजेक्शन दिया. इंजेक्शन देने के तुरंत बाद उसकी मौत हो गयी. इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गये और अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी.
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सविता सिंह और थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया. स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद भीड़ को शांत कराया गया. इसके बाद अस्पताल के एक कमरे में मौजूद डॉक्टर, संचालक, उनके पुत्र और एनएम को पुलिस सुरक्षा के बीच थाने ले जाया गया.
कार्रवाई की मांग पर थाना के बाहर डटे रहे परिजन
समाचार लिखे जाने तक मृतक के परिजन थाना के बाहर डटे हुए थे. परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
